CID का DSP बन नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी, कैंसर पीड़िता को भी नहीं बख्शा, जांच में जुटी पुलिस...
- by Manjesh Kumar
- 04-Jul-2026
- Views
भागलपुर: भागलपुर में नौकरी दिलाने के नाम पर कथित ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है। कैंसर की चौथी स्टेज से जूझ रही एक महिला ने खुद को सीआईडी का डीएसपी बताने वाले व्यक्ति पर कृषि विश्वविद्यालय सबौर में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 5 लाख 60 हजार रुपये लेने का आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि न तो नौकरी मिली और न ही उसकी रकम वापस की गई। अब वह न्याय के लिए पुलिस और प्रशासन के दरवाजे खटखटा रही है। मामले में डीआईजी ने जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
बांका के आदर्शनगर निवासी अधिवक्ता अमरेंद्र कुमार सिंह की पुत्री सोनम भारती ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2024 में नौकरी की तलाश के दौरान उसकी मुलाकात मनोज वर्मा से हुई। सोनम के अनुसार, मनोज वर्मा ने खुद को सीआईडी का अधिकारी बताते हुए कृषि विश्वविद्यालय सबौर में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया और अलग-अलग माध्यमों से कुल 5 लाख 60 हजार रुपये ले लिए। पीड़िता ने पैसे के लेन-देन से जुड़े दस्तावेज भी प्रस्तुत किए हैं। सोनम का कहना है कि काफी इंतजार के बाद भी नौकरी नहीं मिली। इसी दौरान वर्ष 2025 में उसे चौथी स्टेज के कैंसर का पता चला। वर्तमान में कोलकाता में उसका इलाज चल रहा है और अब तक 22 कीमोथेरेपी हो चुकी हैं। तलाकशुदा होने के कारण आर्थिक स्थिति भी बेहद कमजोर हो गई है। ऐसे में उसने अपनी जमा पूंजी वापस मांगी, लेकिन आरोप है कि पहले उसे टालमटोल किया गया और बाद में उसका नंबर ब्लॉक कर दिया गया।
पीड़िता ने बांका थाना में शिकायत दर्ज कराई, जहां से जीरो एफआईआर के जरिए मामला भागलपुर के इशाकचक थाना भेजा गया। सोनम का आरोप है कि वहां भी उसकी शिकायत पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद वह भागलपुर व्यवहार न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव सिंह के पास पहुंची। उनके सुझाव पर उसने डीआईजी विवेक कुमार से मुलाकात की, जिन्होंने पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया है। पीड़िता का दावा है कि आरोपी मनोज वर्मा की नियुक्ति वर्ष 1989 में हुई थी और वे कई जिलों में तैनात रहे हैं। वर्ष 2022 में उनकी पोस्टिंग रोहतास में पुलिस अवर निरीक्षक के पद पर थी, जबकि वर्तमान में उन्हें सीआईडी से जुड़ा बताया जा रहा है। हालांकि, इन दावों और आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
फिलहाल मामला जांच के दायरे में है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और पीड़िता को न्याय दिलाना प्रशासन की बड़ी जिम्मेदारी होगी। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही सोनम भारती अब इलाज के साथ-साथ इंसाफ का भी इंतजार कर रही हैं।


Post a comment