पूर्णिया विश्वविद्यालय में एआई आधारित शोध सॉफ्टवेयर पर तीन दिवसीय हैंड्स-ऑन कार्यशाला का हुआ समापन

पूर्णिया: पूर्णिया विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर वाणिज्य विभाग एवं स्नातकोत्तर अर्थशास्त्र विभाग द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला रिसर्च सॉफ्टवेयर विद एआई (बेसिक लेवल): ए हैंड्स-ऑन एक्सपीरियंस का सफलतापूर्वक समापन हुआ। जिसका उद्देश्य शोधार्थियों को आधुनिक शोध तकनीकों के सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ उनके व्यावहारिक उपयोग से परिचित कराना था। कार्यशाला के दौरान चयनित प्रतिभागियों को संदर्भ प्रबंधन हेतु ज़ोटेरो डेटा विश्लेषण, मॉडल फिटिंग तथा वर्णनात्मक सांख्यिकी के लिए एसपीएसएस एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित आधुनिक शोध उपकरणों का गहन व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

समापन सत्र का प्रमुख आकर्षण प्रतिभागियों का अनुभव साझा करने का सत्र रहा। इस अवसर पर मध्य प्रदेश स्थित आईजीएनटीयू के शोधार्थी दिगंबर कुमार, वाणिज्य विभाग के शोधार्थी चंदन भगत तथा हिंदी विभाग के सहायक प्राध्यापक राजेश ने कार्यशाला से प्राप्त अपने अनुभव साझा किए और इसे अपने शोध कार्य के लिए अत्यंत उपयोगी बताया। इसके उपरांत डॉ भारत कुमार मेहर ने कार्यशाला की विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। तत्पश्चात कार्यक्रम के संयोजक एवं स्नातकोत्तर वाणिज्य एवं प्रबंधन विभागाध्यक्ष प्रो इश्तियाक अहमद ने पर्यवेक्षक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए कार्यशाला की उपलब्धियों और उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के मुख्य संरक्षक एवं पूर्णिया विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो विवेकानंद सिंह ने कहा कि शोध कार्य में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की बढ़ती भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने साहित्य समीक्षा, डेटा विश्लेषण तथा अकादमिक लेखन में नैतिकता बनाए रखते हुए एआई के प्रभावी उपयोग पर विशेष बल दिया।

समारोह के दौरान कार्यक्रम के सफल आयोजन में योगदान देने वाले सभी व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। कार्यशाला सफलतापूर्वक पूर्ण करने वाले सभी पंजीकृत प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कार्यक्रम के उत्कृष्ट आयोजन के लिए संयोजक प्रो. इश्तियाक अहमद तथा आयोजक डॉ अभिषेक आनंद एवं डॉ भारत कुमार मेहर को स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। अंत में डॉ रंजीता द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। इसके पश्चात सभी उपस्थितजनों ने राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का गरिमामय समापन किया। इस प्रकार की अभिनव शैक्षणिक पहलों के माध्यम से पूर्णिया विश्वविद्यालय शोध एवं नवाचार की गुणवत्ता को सुदृढ़ करने तथा अपने शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों को वैश्विक तकनीकी प्रगति के अनुरूप सक्षम बनाने के अपने संकल्प को निरंतर आगे बढ़ा रहा है।

  

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