निजी ड्राइवर के माध्यम से थानाध्यक्ष करते थे रिश्वत की उगाही, वीडियो वायरल होने के बाद अब...

पश्चिम चंपारण: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने क्राइम और करप्शन से किसी भी सूरत में कंप्रोमाइज नहीं किया जाएगा। वही बात अब नए सीएम सम्राट चौधरी ने भी दोहराई है। इसी कड़ी में पश्चिम चंपारण की पुलिस ने रिश्वत लेने के आरोप में थाना की गाड़ी के एक ड्राइवर और थानाध्यक्ष पर बड़ी कार्रवाई की है। एसपी ने मामला सामने आने के बाद थानाध्यक्ष को सस्पेंड कर दिया है। दरअसल कंगली थाना के निजी ड्राइवर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था जिसमें वह घूस लेते हुए देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि थानाध्यक्ष अपने निजी ड्राइवर के माध्यम से रिश्वत का पैसा लेते हैं।

बताया जा रहा है कि मामला एक गैस सिलेंडर की चोरी का है जिसमें आरोपी को गिरफ्तार किए जाने के बाद छोड़ने के एवज में 4 लाख रुपए रिश्वत की मांग की गई थी। मामले को लेकर एक महिला निर्मला देवी ने बताया कि पुलिस ने पहले उनके पति प्रमेश कुमार को गिरफ्तार किया और फिर उन्हें छोड़ने के एवज में 4 लाख रूपये की मांग की। मांग पूरी नहीं किए जाने पर उसे जेल भेज दिया और अगले ही दिन थानाध्यक्ष का निजी ड्राइवर घर पहुंचा और केस में मदद करने की बात कहते हुए पुलिसिया धौंस दिखा कर 90 रुपए की मांग की।

महिला ने बताया कि मजबूरन उसने उस ड्राइवर को 49 हजार रूपए दिए जिसका वीडियो भी रिकॉर्ड कर लिया। वहीं उसके अगले दिन फिर से 31 हजार रुपए उसे दिए। महिला ने बताया कि थानाध्यक्ष का निजी ड्राइवर अक्सर लोगों से विभिन्न मामलों में रूपये की मांग करता था और नहीं देने पर झूठे केस में फंसाने की धमकी भी देता था। महिला ने अपने पति के जेल से छूटने के बाद एसपी और डीआईजी को लिखित शिकायत दी। वायरल वीडियो और फोन कॉल रिकॉर्डिंग सामने आने के बाद पुलिस की काफी किरकिरी हुई जिसके बाद अब एसपी ने कड़ी कार्रवाई करते हुए विभागीय जांच का आदेश जारी किया। जांच में आरोप की पुष्टि होने के बाद थानाध्यक्ष को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।

  

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