नगर निगम चुनाव से पहले पूर्णिया में आरोप प्रत्यारोप का दौर तेज, पार्षद पतियों ने संभाली कमान..., उप मेयर पति के आरोप पर...
- by Manjesh Kumar
- 21-Jun-2026
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पूर्णिया: पूर्णिया नगर निगम चुनाव से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। चुनाव से पहले ही आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला लगातार जारी है। एक तरफ उप मेयर के पति ने नगर निगम में लूट खसोट और घोटालों का आरोप लगाया है तो अब दूसरी तरफ एक पार्षद के पति ने पलटवार किया है। उप मेयर के पति अरविंद साह के बयान पर वार्ड संख्या 24 के पार्षद पति अमरेंद्र कुशवाहा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नगर निगम में महापौर के बाद उप महापौर का पद सबसे महत्वपूर्ण और जवाबदेह माना जाता है। ऐसे में उप महापौर पल्लवी गुप्ता स्वयं सशक्त स्थायी समिति की सदस्य भी हैं, फिर भी साढ़े तीन वर्षों तक उन्हें नगर निगम में कोई कमी नजर नहीं आई और अब चुनाव नजदीक आते ही खामियां गिनाई जा रही हैं।
अमरेंद्र कुशवाहा ने कहा कि जनता ऐसे नेताओं को अच्छी तरह पहचानती है, जो चुनावी मौसम में ही सक्रिय होकर बयानबाजी शुरू कर देते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब उप महापौर नगर निगम की निर्णय प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, और कहीं कोई कमी थी तो उसे दूर कराने की पहल करनी चाहिए थी, न कि सार्वजनिक रूप से नगर निगम की छवि धूमिल करने का प्रयास किया जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि महापौर विभा कुमारी के कार्यकाल में नगर निगम क्षेत्र के सभी वार्डों में बिना किसी भेदभाव के विकास कार्य कराए गए हैं। सड़कों, नालों और साफ-सफाई व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार हुआ है तथा वर्षों से जर्जर पड़ी कई महत्वपूर्ण सड़कों का निर्माण कराया गया है।
उन्होंने कहा कि सभी पार्षद मिलकर नगर निगम क्षेत्र के विकास में जुटे हैं, जबकि कुछ लोग अनर्गल आरोप लगाकर विकास कार्यों को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं। अमरेंद्र कुशवाहा ने अरविंद साह भोला से पूछा कि साढ़े तीन वर्षों के दौरान उनके स्तर से कौन-कौन से विकासात्मक कार्य किए गए या पहल ही की गई है। उन्होंने कहा कि सशक्त स्थायी समिति एवं बोर्ड की बैठकों में लिए गए अधिकांश निर्णयों में उनकी सहमति रही है, ऐसे में अब अचानक खामियां निकालना राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित प्रतीत होता है। शहर की सबसे महत्वपूर्ण योजनाओं में शामिल स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम जैसी परियोजनाओं पर ध्यान देने की आवश्यकता है। यदि इन मुद्दों को गंभीरता से उठाया जाता तो सभी वार्ड पार्षद उनका समर्थन करते। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि नगर निगम में हुई सभी खरीदारी एवं योजनाओं की जांच मुख्यमंत्री स्तर या किसी सक्षम एजेंसी से कराई जा सकती है।
अमरेंद्र कुशवाहा ने कहा कि जनता ने अपने प्रतिनिधियों को विकास के लिए चुना है। ऐसे में सभी जनप्रतिनिधियों को राजनीतिक बयानबाजी से ऊपर उठकर नगर निगम क्षेत्र के विकास में सकारात्मक सहयोग देना चाहिए।


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