पूर्णिया नगर निगम बना राजनीतिक अखाड़ा, दो पक्षों के बीच जुबानी जंग चरम पर...
- by Manjesh Kumar
- 11-Jun-2026
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पूर्णिया: यूं तो नगर निगम का चुनाव साल 2027 में होना है लेकिन उसके पहले ही राजनीतिक नूराकुश्ती शुरू हो गई है। जब से नगर निगम के स्थाई समिति का चुनाव संपन्न हुआ है राजनीतिक तापमान गरवाने लगा है। निगम में पार्षद दो गुटों बंटे नजर आ रहे हैं। एक तरफ मेयर गुटके पार्षद अपनी एक जूता दिखा रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर वार्ड चार के पार्षद प्रतिनिधि राजीव राय उर्फ बबली राय नगर निगम में चल रहे काले कारनामे का खुलासा करने को तैयार हैं। जिसमें कई योजनाओं को लेकर एक बड़ा खुलासा होना है। इसके मद्देनजर आगामी 14 जून को थाना चौक पर आमरण अनशन भी करने वाले हैं। इस मुद्दे को लेकर वार्ड संख्या 11 के पार्षद प्रतिनिधि ललनेश सिंह एवं वार्ड संख्या 13 के पार्षद प्रतिनिधि श्री प्रसाद महतो ने संयुक्त रूप से प्रेस वार्ता किया। जिसमें यह बताया कि नगर निगम के खिलाफ सोशल मीडिया पर कुछ लोगों द्वारा प्रचारित की जा रही बातों को तथ्यहीन, बेबुनियाद और स्वार्थ से प्रेरित बताया है।
प्रेस वार्ता में ललनेश सिंह ने कहा कि हाल के दिनों में सोशल मीडिया के माध्यम से नगर निगम की छवि को धूमिल करने का कुत्सित प्रयास किया जा रहा है। एक "राजनीतिक शिखंडी" पर्दे के पीछे से गंदी राजनीति कर अपनी रोटी सेकने का असफल प्रयास कर रहा है। इसी क्रम में कुछ बातें स्पष्ट करने के लिए हम यहां आए हैं। उन्होंने कहा कि वार्ड संख्या 4 के पार्षद प्रतिनिधि राजीव राय उर्फ बबली राय आजकल अपने राजनीतिक गुरु "शिखंडी" के इशारे पर सोशल मीडिया के माध्यम से "विधवा-विलाप" कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्षद प्रतिनिधि द्वारा यह कहा जा रहा है कि वार्ड पार्षदों को अपना अधिकार ही पता नहीं है और समझाने से कोई फायदा नहीं है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि खुद को अतिज्ञानी समझना मूर्ख व्यक्ति की पहचान है। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि "राय जी, आजकल आप जहां ट्यूशन पढ़ रहे हैं, वहां ऐसी गलतफहमी पाल लेना स्वाभाविक है। गुरु जी बदलिए, नहीं तो गुरु जी की तरह ही राजनीति में डगरा का बैगन बनकर रह जाइएगा।"
ललनेश सिंह ने कहा कि स्टैंडिंग कमेटी के चुनाव में उनकी प्रत्याशी की करारी हार हुई थी और "शिखंडी" ने उन्हें कुछ ज्यादा ही भरोसा दिला दिया था। ऐसे में हार के बाद तिलमिलाना स्वाभाविक है। उन्होंने दावा किया कि बबली राय द्वारा कही गई बातों का तथ्य और वास्तविकता से कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने कहा कि तीन वर्षों से अधिक समय बीत जाने के बावजूद संबंधित प्रतिनिधि को नगर निगम की बजट प्रक्रिया का सामान्य ज्ञान तक नहीं है। नगर निगम द्वारा पारित बजट अनुमानित आय एवं व्यय पर आधारित होता है, जिसे सरकार के समक्ष स्वीकृति एवं आवंटन के लिए भेजा जाता है। केंद्र एवं राज्य सरकार जनसंख्या, आवश्यकता एवं विभिन्न मानकों के आधार पर राशि आवंटित करती हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक वर्ष आवंटित बजट एवं वित्तीय विवरण की प्रति वार्ड पार्षदों को उपलब्ध कराई जाती रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित प्रतिनिधि स्वयं तथ्यों से अनभिज्ञ हैं तथा उनके राजनीतिक गुरु भी वास्तविक स्थिति से परिचित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक शिखंडी के इशारे पर एजेंट की तरह कार्य करते हुए नगर निगम के विकास कार्यों को बाधित एवं बदनाम करने का सुनियोजित प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित प्रतिनिधि आजकल राजनीतिक शिखंडी के "पे-रोल" पर काम कर रहे हैं।
वहीं वार्ड संख्या 13 के पार्षद प्रतिनिधि श्रीप्रसाद महतो ने कहा कि पिछले तीन वर्षों के नगर निगम के आय-व्यय एवं विकास कार्यों का संपूर्ण विवरण सार्वजनिक रिकॉर्ड में उपलब्ध है। इसके बावजूद प्रतिवर्ष 600 करोड़ रुपये खर्च होने का मनगढ़ंत एवं भ्रामक आंकड़ा सोशल मीडिया पर प्रसारित कर जनता को भ्रमित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने नगर निगम के पिछले तीन वर्षों के आय-व्यय का विवरण देते हुए बताया कि वित्तीय वर्ष 2023-24 में 598 करोड़ रुपये का अनुमानित बजट था, जबकि 216 करोड़ रुपये खर्च हुए। वित्तीय वर्ष 2024-25 में 633 करोड़ रुपये के अनुमानित बजट के विरुद्ध 260 करोड़ रुपये खर्च किए गए। वहीं वित्तीय वर्ष 2025-26 में 466 करोड़ रुपये के अनुमानित बजट के मुकाबले 317 करोड़ रुपये व्यय हुए। श्रीप्रसाद महतो ने कहा कि अचानक संबंधित पार्षद प्रतिनिधि को जलजमाव की बड़ी चिंता सताने लगी है, जबकि उनके ही वार्ड संख्या 4 में डॉलर हाउस चौक से चूनापुर घाट तक लगभग तीन किलोमीटर लंबे नाले का निर्माण करीब 25 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक एवं सशक्त ड्रेनेज सिस्टम के रूप में कराया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि निजी स्वार्थ एवं राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित होकर यही व्यक्ति ठेकेदार को लगातार परेशान कर रहा है, जिसके कारण परियोजना निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि संवेदक द्वारा इसकी लिखित शिकायत भी की गई है। उन्होंने कहा कि नगर निगम में जिन वित्तीय मामलों की जांच की मांग की जा रही है, उन सभी निर्णयों की प्रक्रिया विधिसम्मत, पारदर्शी एवं बोर्ड की स्वीकृति से संपन्न हुई है, जिसमें संबंधित वार्ड पार्षद की भी सहमति रही है। उन्होंने दावा किया कि जिन लोगों के इशारे पर आरोप लगाए जा रहे हैं, उनकी भी उन निर्णयों में सहमति रही है।
श्रीप्रसाद महतो ने कहा कि बीते तीन वर्षों से अधिक समय से संबंधित प्रतिनिधि स्वयं एवं उनके राजनीतिक संरक्षक बोर्ड बैठकों में उपस्थित होकर प्रस्तावों का समर्थन करते रहे हैं। इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग एवं कार्यवाही विवरण (प्रोसीडिंग्स) नगर निगम के अभिलेखों में सुरक्षित हैं, जिन्हें कोई भी नागरिक देख सकता है। अंत में दोनों प्रतिनिधियों ने संबंधित वार्ड पार्षद, पार्षद प्रतिनिधि एवं उनके राजनीतिक गुरु "शिखंडी" से जनता को भ्रमित करने, झूठ फैलाने और विकास कार्यों में अवरोध उत्पन्न करने की राजनीति बंद करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पूर्णिया की जनता सब कुछ देख रही है और विकास विरोधी मानसिकता, दोहरे चरित्र तथा जनविरोधी कृत्यों का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से अवश्य देगी। उन्होंने कहा कि वे विकास, पारदर्शिता एवं जनहित की राजनीति में विश्वास करते हैं तथा लगाए जा रहे हर आरोप का जवाब देने के लिए तैयार हैं।


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