सरकार पर जम कर बरसे तेजस्वी यादव, कहा 'भ्रष्टाचार सातवें आसमान है'

पटना: बिहार में विपक्ष लगातार सरकार पर विभिन्न मुद्दों को लेकर हमलावर बना हुआ है। इसी कड़ी में रविवार को राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष सह बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस किया। इसमें उन्होंने बिहार की एनडीए सरकार पर जमकर भड़ास निकाली। तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि राज्य में भ्रष्टाचार सातवें आसमान पर है और रिशु श्री मामले में चार्जशीट दाखिल होने के बाद भी कई बड़े राज खुलने बाकी हैं। उन्होंने सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार के सामने 20 कड़े सवाल रखे हैं और इस पूरे खेल में शामिल रसूखदार लोगों पर निष्पक्ष कार्रवाई करने की मांग की है। तेजस्वी ने यह गंभीर आरोप भी लगाया कि कार्रवाई के नाम पर सिर्फ अतिपिछड़े समाज के अधिकारियों को निशाना बनाया जाता है, जबकि दुनिया के सबसे भ्रष्ट अफसर एनडीए सरकार की छत्रछाया में बैठे हैं।

राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि रिशु श्री का मामला कोई छोटा-मोटा केस नहीं है, बल्कि यह बिहार में चल रहे संगठित भ्रष्टाचार का एक बड़ा सबूत है। उन्होंने कहा कि सरकार हमेशा छोटे और निचले स्तर के कर्मचारियों पर एक्शन लेकर अपना पल्ला झाड़ लेती है। असली खेल खेलने वाले बड़े अधिकारियों और ताकतवर लोगों को छूने की हिम्मत भी सरकार नहीं दिखा पाती है। तेजस्वी यादव ने भ्रष्टाचार के साथ-साथ बिहार की वित्तीय हालत पर भी सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने दावा किया कि एनडीए सरकार की गलत नीतियों की वजह से बिहार की आर्थिक स्थिति दिन-प्रतिदिन बदतर होती जा रही है। राज्य के सिर पर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है, सरकारी खजाना पूरी तरह खाली हो चुका है और हालात इतने बुरे हैं कि कर्मचारियों को समय पर सैलरी देने के लाले पड़े हैं। भ्रष्टाचार के कारण जनता की गाढ़ी कमाई और सरकारी संसाधनों की लूट मची है। 

राजद नेता ने आरोप लगाया कि बिहार की जांच एजेंसियां खुद भ्रष्ट लोगों को ढाल देने में लगी हैं। जब भी कोई बड़ा घोटाला उजागर होता है, तो जांच की सुई नीचे के कर्मचारियों पर ही आकर रुक जाती है। रिशु श्री केस में भी बिल्कुल ऐसा ही खेल देखने को मिल रहा है, जहां असली गुनाहगारों को पर्दे के पीछे छुपा दिया गया है। तेजस्वी यादव ने जांच प्रक्रिया पर उंगली उठाते हुए पूछा कि अगर रिशु श्री मामले की जांच पूरी हो चुकी थी, तो चार्जशीट से बड़ी मछलियों के नाम गायब क्यों हैं। उन्होंने सवाल किया कि जिन आईएएस अधिकारियों को सस्पेंड किया गया है, उनके नाम इस चार्जशीट में शामिल क्यों नहीं किए गए और उन्हें अब तक गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया। राजद नेता ने कहा कि उन्होंने रिशु श्री और टेंडर घोटाले से जुड़े 20 अहम सवाल सरकार के सामने सार्वजनिक रूप से रख दिए हैं। अगर सरकार के मन में कोई चोर नहीं है और वह वाकई पूरी पारदर्शिता के साथ काम कर रही है, तो उसे इन सभी 20 सवालों के जवाब जनता के सामने देने चाहिए। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि जवाब देने के बजाय पूरी सरकार इस महाघोटाले की फाइलों को दबाने की कोशिश में जुटी है।

  

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