MLC चुनाव सरकार बनाने या हटाने का नहीं, सरकार को जवाबदेह बनाने के लिए: PK

मुजफ्फरपुर: जन सुराज के सूत्रधार व बांकीपुर से विधायक प्रशांत किशोर बुधवार को मुजफ्फरपुर में आयोजित शिक्षक - स्नातक संवाद में तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के प्रत्याशी श्याम नंदन यादव और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के प्रत्याशी डॉ विमोहन कुमार के साथ शामिल हुए। इस दौरान प्रशांत किशोर ने कहा कि शिक्षकों को लोकसभा चुनाव से पहले 7वां वेतनमान दिलाना मेरा जिम्मा होगा और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में जीत होने पर 10 हजार पढ़े-लिखे बेरोजगार युवाओं को नौकरी दिलाएंगे।

बिहार के सभी दलों को हर हाल में समाधान निकालना होगा

प्रशांत किशोर ने कहा कि मुद्दा शिक्षकों के लिए जरूरी है, चाहे हम उठाएं या कोई भी उठाए। अगर 6 लाख शिक्षक एकजुट हो जाएं तो बिहार के सभी दलों को हर हाल में समाधान निकालना होगा। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव से पहले 7वां वेतनमान इसलिए जरूरी है क्योंकि दिल्ली में जिसे राज करना है, उसे बिहार में लोकसभा चुनाव जीतना है और 6 लाख शिक्षकों का समर्थन नहीं होगा तो कोई जीत नहीं सकता।PK ने कहा कि 2 लाख शिक्षक एक साथ आ जाएं, चाहे किसी भी संघ के हों, तो एक साल का आंदोलन और एक साल का प्रयास 7वें वेतनमान को केंद्रीय मुद्दा बनाएगा और हर राजनीतिक पार्टी को इसका समाधान निकालने के लिए मजबूर करेगा।

प्रशांत किशोर ने कहा कि स्नातक का यह चुनाव सरकार बनाने या गिराने का नहीं, बल्कि सरकार को जवाबदेह बनाने का चुनाव है। जो सरकार जीतने के बाद शिक्षकों की मांग, बाढ़ पीड़ितों की समस्याओं को भूल गई और भ्रष्टाचार व अपराध पर लगाम नहीं लगा पा रही है, उस पर अंकुश लगाने का अवसर जनता के पास है। उन्होंने अपील की कि जाति, धर्म और दल से ऊपर उठकर तिरहुत क्षेत्र के पढ़े-लिखे मतदाता डॉ विमोहन कुमार को जिताएं। PK ने कहा कि जन सुराज ने सभी श्रेणियों के शिक्षकों को लोकसभा चुनाव से पहले सातवां वेतनमान दिलाने का संकल्प लिया है। यदि ऐसा नहीं कर पाए, तो वे वोट मांगने नहीं आएंगे। इस क्षेत्र के 10 हजार पढ़े-लिखे बेरोजगार युवाओं को उनकी योग्यता के अनुसार निजी नौकरी दिलाना प्रशांत किशोर की व्यक्तिगत गारंटी है। उन्होंने कहा कि नौकरी और सातवें वेतनमान के मुद्दे पर जनप्रतिनिधियों से सवाल उठना ही लोकतंत्र और विकल्प की ताकत है। जाति, धर्म और लालू-भाजपा के डर के आधार पर वोट देने से ही बिहार की यह दुर्दशा हुई है। जनता को इस बार बदलाव के लिए जन सुराज के उम्मीदवार को जिताना चाहिए।

प्रशांत किशोर ने कहा कि यह चुनाव न सरकार बनाने का है, न हटाने का, न जात-पात को वोट देने का और न किसी दल के नेता को सदन पहुंचाने का। यह सरकार को जवाबदेह बनाने, अपने वेतनमान और अपने बच्चों के रोजगार के लिए वोट देने का चुनाव है। उन्होंने कहा, “नेताओं को जिताया, पार्टियों को जिताया, जातियों को जिताया, एक बार खुद को और अपने बच्चों को जिताइए। 10 हजार नौकरी के वादे से पूरे बिहार में जनप्रतिनिधियों से सवाल खड़ा हुआ कि वो लोग नौकरी क्यों नहीं दे पाएंगे। कोई कह रहा है प्रशांत किशोर नहीं दे पाएंगे, कोई कह रहा है हम रोजगार देंगे, लेकिन बात रोजगार और 7वें वेतनमान की हो रही है। यही लोकतंत्र और विकल्प की ताकत है PK ने कहा कि शिक्षकों का आंदोलन 25 वर्षों से चल रहा है, तब किसी ने यह मुद्दा नहीं उठाया। जब प्रशांत किशोर ने बात की और हेल्पलाइन जारी की तो 18 हजार शिक्षकों ने मिस्ड कॉल कर सहमति दिखाई। उन्होंने कहा कि अब 2 लाख शिक्षक इस अभियान से जुड़ते हैं तो जो कुछ करना पड़ेगा करेंगे। उन्होंने कहा कि जैसे किसानों ने दिल्ली में नरेंद्र मोदी को झुकाया और बच्ची ने जंतर-मंतर पर धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा कराया, वैसे 6 लाख शिक्षक भी अपना वेतनमान ले सकते हैं। PK ने कहा कि NDA सरकार ने शिक्षकों को 30 से ज्यादा संघों में बांट रखा है। शिक्षक किसी भी संघ में रहें, अपने वेतनमान के लिए एक अभियान से जुड़िए। एक मांग और एक अभियान के साथ एक साल जुड़िए, 7वां वेतनमान दिलाएंगे।

मौके पर शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के प्रत्याशी श्याम नंदन यादव, स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के प्रत्याशी डॉ विमोहन कुमार, इंद्रभूषण अशोक, ज़िलाध्यक्ष लाल बाबू सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

रूपेश कुमार की रिपोर्ट

  

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