पूर्णिया विश्वविद्यालय के एकेडमिक काउंसिल की बैठक में नई शिक्षा नीति पर चर्चा, छात्रों के हित में लिए गए कई और फैसले

पूर्णिया: पूर्णिया विश्वविद्यालय की 26वीं विद्वत परिषद् की बैठक कुलपति प्रो विवेकानंद सिंह की अध्यक्षता में विश्वविद्यालय के सीनेट हॉल में संपन्न हुई। बैठक में विद्वत परिषद् के सभी सदस्यों ने भाग लिया तथा विश्वविद्यालय के शैक्षणिक विकास, नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन एवं विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रस्तुत सभी एजेंडों का सर्वसम्मति से अनुमोदन किया। बैठक की शुरुआत 25वीं विद्वत परिषद् की बैठक की कार्यवाही की पुष्टि एवं अनुपालन प्रतिवेदन के अनुमोदन से हुई। इसके उपरांत राजभवन सचिवालय एवं विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा जारी विभिन्न दिशा-निर्देशों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।

विद्वत परिषद् ने पीएचडी उपाधि प्रदान किए जाने हेतु तैयार किए गए प्रारूप अध्यादेश एवं विनियमावली को अनुमोदित किया जिससे विश्वविद्यालय में शोध कार्यों का संचालन नवीन यूजीसी विनियमों एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप सुनिश्चित हो सकेगा। बैठक में द्विवर्षीय चार सेमेस्टर एवं एकवर्षीय दो सेमेस्टर स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए तैयार अध्यादेश एवं विनियमावली को भी स्वीकृति प्रदान की गई। साथ ही विभिन्न विषयों के संशोधित पाठ्यक्रमों पर विचार करते हुए विश्वविद्यालय में संचालित विषयों के पाठ्यक्रमों को अनुमोदित किया गया। विद्वत परिषद् द्वारा इतिहास, मनोविज्ञान, हिन्दी, प्राणीशास्त्र, समाजशास्त्र, गणित, भौतिकी, रसायनशास्त्र तथा अर्थशास्त्र सहित विभिन्न विषयों के संशोधित पाठ्यक्रमों को स्वीकृति प्रदान की गई, जिससे विद्यार्थियों को अद्यतन एवं रोजगारोन्मुख शिक्षा उपलब्ध हो सकेगी।

बैठक में चार वर्षीय CBCS स्नातक पाठ्यक्रम के आठवें सेमेस्टर में शोध परियोजना एवं शोध-प्रबंध के संचालन एवं मूल्यांकन संबंधी दिशा-निर्देशों को भी अनुमोदित किया गया। इसके अतिरिक्त कौशल संवर्द्धन पाठ्यक्रम के अंतर्गत Crosswords पाठ्यक्रम को अंगीकृत करने तथा विद्यार्थियों के कौशल विकास को बढ़ावा देने का निर्णय लिया गया। विद्वत परिषद् ने इंटर्नशिप एवं Exit Options संबंधी यूजीसी दिशानिर्देशों को भी अनुमोदित किया, जिससे विद्यार्थियों को उद्योग, संस्थानों एवं विभिन्न क्षेत्रों में व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने के अधिक अवसर उपलब्ध होंगे। साथ ही AEC-IV पाठ्यक्रम में NSS के क्रेडिट स्ट्रक्चर एवं पाठ्यक्रम को लागू किए जाने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की गई।

बैठक में विश्वविद्यालय के समग्र शैक्षणिक विकास से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया। अध्यक्ष की अनुमति से विश्वविद्यालय में आधुनिक लेक्चर रिकॉर्डिंग स्टूडियो सह स्मार्ट क्लासरूम की स्थापना, CBCS पाठ्यक्रम के अंतर्गत Crosswords कोर्स के प्रभावी संचालन, विश्वविद्यालय की शोध पत्रिका एवं मैगज़ीन के नियमित प्रकाशन तथा शैक्षणिक भ्रमण जैसे विषयों पर भी सकारात्मक निर्णय लिए गए, जिससे विद्यार्थियों की अकादमिक गुणवत्ता एवं व्यावहारिक ज्ञान में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। बैठक को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. विवेकानंद सिंह ने कहा कि पूर्णिया विश्वविद्यालय नई शिक्षा नीति-2020, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग तथा राजभवन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण, शोधोन्मुख एवं रोजगारपरक शिक्षा प्रदान करने के लिए सतत प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि विद्वत परिषद् द्वारा लिए गए सभी निर्णय विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, आधुनिक तथा विद्यार्थी-केंद्रित बनाने में मील का पत्थर सिद्ध होंगे।

बैठक का संचालन कुलसचिव प्रो अखिलेश कुमार ने किया। उन्होंने सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि विद्वत परिषद् द्वारा अनुमोदित निर्णयों के प्रभावी क्रियान्वयन से पूर्णिया विश्वविद्यालय शैक्षणिक उत्कृष्टता की दिशा में नए आयाम स्थापित करेगा।

  

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