आर्द्रभूमियाँ प्रकृति की अमूल्य धरोहर हैं,बच्चों में बचपन से ही पर्यावरण संरक्षण की समझ विकसित करना हमारा दायित्व है:- प्राचार्य शीतल देवा
- by Raushan Pratyek Media
- 02-Feb-2026
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प्रशान्त कुमार ब्यूरो चीफ
बेगूसराय जिले के प्रसिद्ध माउंट लिट्रा पब्लिक स्कूल में सोमवार को विश्व आर्द्र भूमि दिवस World Wetlands Day उत्साह और जागरूकता के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय के विद्यार्थियों ने संवाद,भाषण, एंकरिंग एवं संगीत प्रस्तुतियों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का सशक्त संदेश दिया। कार्यक्रम की शुरुआत एक भावपूर्ण संगीत प्रस्तुति “फूलों ने बूंदों से पूछा” से हुई, जिसमें बच्चों ने अत्यंत मनमोहक ढंग से प्रकृति और जल के आपसी संबंध को दर्शाया। इस गीत के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि जल और आर्द्रभूमियाँ जीवन का आधार हैं। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के भूगोल शिक्षक ने विद्यार्थियों को आर्द्रभूमि Wetlands के महत्व के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने समझाया कि आर्द्रभूमियाँ जल संरक्षण, जैव विविधता के संरक्षण, बाढ़ नियंत्रण तथा भूजल स्तर को बनाए रखने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसी उद्देश्य से हर वर्ष 2 फरवरी को विश्व आर्द्रभूमि दिवस मनाया जाता है, ताकि लोगों में जल स्रोतों के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके। इस अवसर पर विद्यालय की प्राचार्या डॉ. शीतल देवा ने कहा की आर्द्रभूमियाँ प्रकृति की अमूल्य धरोहर हैं। बच्चों में बचपन से ही पर्यावरण संरक्षण की समझ विकसित करना हमारा दायित्व है, ताकि वे भविष्य में प्रकृति के प्रति संवेदनशील नागरिक बन सकें।” वहीं विद्यालय के निदेशक डॉ. मनीष देवा ने कहा,
“जल है तो कल है। आर्द्रभूमियों का संरक्षण न केवल पर्यावरण संतुलन के लिए आवश्यक है, बल्कि मानव जीवन के अस्तित्व के लिए भी अनिवार्य है। ऐसे आयोजन बच्चों को व्यवहारिक रूप से जागरूक बनाते हैं। कार्यक्रम में बच्चों की सक्रिय सहभागिता, सुंदर एंकरिंग, संवाद एवं संगीत प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को प्रेरणादायक बना दिया। यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए न केवल ज्ञानवर्धक रहा, बल्कि उनमें पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करने वाला सिद्ध हुआ।


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