बाकीपुर उपचुनाव में हार के बाद आपस में उलझे भाई वीरेंद्र और शक्ति यादव, खोलने लगे एक दूसरे का पोल

पटना: 2025 विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद से ही राजद नेतृत्व पर सवाल उठने लगे थे। अब एक बार फिर बाकीपुर उपचुनाव में प्रत्याशी का जमानत जब्त होने के बाद पार्टी के अंदर तूफान खड़ा हो गया है। पार्टी के नेता एक दूसरे के विरुद्ध बयानबाजी में लगे हुए हैं। उपचुनाव परिणाम के बाद मनेर के विधायक भाई वीरेंद्र ने नेतृत्व के आसपास रहने वाले कुछ नेताओं पर सवाल खड़े किए थे। भाई वीरेंद्र के बयान के बाद पार्टी के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने उनके ऊपर ही सवाल खड़े कर दिए और पूछा था कि भाई वीरेंद्र ने पार्टी के लिए क्या किया है। अब एक बार फिर विधायक भाई वीरेंद्र ने शक्ति यादव को आड़े हाथों ले लिया और कहा कि अगर मैं मुंह खोल दूं उनका सारा पोल खुल जाएगा।

मनेर विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा कि खामोश रहो, मैं लोकदल के जमाने से राजनीति कर रहा हूं। जब तुम्हारी राजनीति में एंट्री भी नहीं हुई थी, 2010 में जब 22 विधायक बने थे तब से मैं हूं। कई लोग आए और चले गए लेकिन मैं नहीं बदला। अब 2025 में 25 विधायक हैं। अगर मैं तुम्हारी करतूतें सार्वजनिक कर दूंगा तो तुम मुंह दिखाने लायक नहीं रहोगे। भाई वीरेंद्र ने आरोप लगाया कि कुछ लोग तेजस्वी यादव का चेहरा दिखाकर लोगों से माल वसूलते हैं और मुलाकात कराने के नाम पर वसूली करते हैं। उन्होंने कहा कि मैं लालू यादव और तेजस्वी यादव का आदमी हूं, ऐसे लोगों का नहीं जो जिंदा चमड़े की सप्लाई करते हैं। साथ ही धमकी दी कि अगर शक्ति यादव संभल नहीं गए तो उनका पूरा कच्चा चिट्ठा खोल दूंगा। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें पता है शक्ति यादव घर से क्यों भागे थे और कितने साल बाद घर गए थे, ये सब सार्वजनिक कर देंगे तो मुंह दिखाने लायक नहीं बचेंगे। 

दरअसल पिछले कुछ समय से भाई वीरेंद्र पार्टी के टिकट बंटवारे और संगठन को लेकर नाराज चल रहे हैं। उन्होंने पहले भी कहा था कि नाम के समाजवादी नेता दो तीन जिलों की राजनीति चलाते हैं और उन्हीं की सिफारिश पर टिकट मिलता है जिसकी वजह से पार्टी को नुकसान हुआ। BJP ने भी उनके बयान को मुद्दा बना लिया है। इसके अलावा जुलाई 2025 में एक पंचायत सचिव को धमकाने के मामले में उनके खिलाफ SC ST एक्ट में 50 पेज की चार्जशीट दायर हो चुकी है जो अब MP MLA कोर्ट में है। कुल मिलाकर अभी RJD के भीतर भाई वीरेंद्र बनाम शक्ति यादव की लड़ाई तेज हो गई है और पार्टी नेतृत्व के लिए इसे संभालना बड़ी चुनौती बन गया है।

  

Related Articles

Post a comment