मुजफ्फरपुर हादसे के बाद सम्राट सरकार हुई अलर्ट, राज्य के सभी होटल और अस्पतालों से एक सप्ताह के अंदर मांगी...

पटना: मुजफ्फरपुर अस्पताल में हादसे के बाद अब सरकार पूरी तरह से सक्रिय हो गई है। राज्य सरकार ने घटना से सबक लेते हुए अब राज्य के सभी अस्पताल और होटलों को बड़ा निर्देश जारी किया है। सम्राट सरकार के निर्देश के अनुसार सभी अस्पतालों और होटलों को एक सप्ताह का वक्त दिया गया है। अग्निशमन विभाग ने साफ कर दिया है कि नियमों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

राज्य की अग्निशमन विभाग ने सभी निजी अस्पतालों को एक सप्ताह के भीतर इलेक्ट्रिक लोड एनालिसिस सर्टिफिकेट जमा करने का निर्देश दिया है। अग्निशमन DIG मनोज कुमार नट ने बताया कि प्रमाणपत्र मिलने के बाद अस्पतालों की जांच की जाएगी। यदि किसी संस्थान में निर्धारित मानकों से अधिक या गलत विद्युत लोड पाया गया तो बिना किसी अतिरिक्त नोटिस के सीलिंग की कार्रवाई की जा सकती है। वहीं अग्निशमन सेवाओं की महानिदेशक शोभा अहोतकर ने कहा कि इस वर्ष राज्यभर में 7500 से अधिक अस्पतालों का फायर ऑडिट किया जा चुका है। ऑडिट के दौरान जिन कमियों की पहचान हुई थी, उन्हें दूर करने के निर्देश संबंधित संस्थानों को पहले ही दिए जा चुके हैं। अब विभाग यह जांच करेगा कि उन निर्देशों का पालन हुआ है या नहीं 

इसके साथ ही सरकार ने होटलों पर भी निगरानी बढ़ा दी है। सभी होटल संचालकों को अपने परिसर में रखे गए गैस सिलेंडरों की संख्या और विवरण स्वयं प्रमाणित कर एक सप्ताह के भीतर विभाग को उपलब्ध कराने को कहा गया है। अग्निशमन विभाग ने चेतावनी दी है कि निर्धारित अवधि के बाद होटलों की जांच की जाएगी। यदि घोषित संख्या से अधिक सिलेंडर पाए गए तो संबंधित होटल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। मुजफ्फरपुर अग्निकांड को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने जिला प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कहा कि हादसे के लिए जो भी जिम्मेदार होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रबंधन की किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही राज्य के अन्य अस्पतालों का भी फायर ऑडिट कर सुरक्षा मानकों की समीक्षा कराई जाएगी।

  

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