विधान परिषद चुनाव में कांग्रेस का खाता नहीं खुलने पर मांझी का तंज, राहुल गांधी को पीएम बनाने वाली बात कह कसा निशाना
- by Manjesh Kumar
- 28-Oct-2026
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पटना: देश के चार राज्यों में हुए विधान परिषद चुनाव के नतीजों को लेकर सियासत तेज हो गई है। बिहार, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक में हुए चुनाव में कांग्रेस को उन सीटों पर सफलता नहीं मिली, जहां उसने अपने उम्मीदवार उतारे थे। इसके बाद भाजपा और एनडीए के नेताओं ने कांग्रेस पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तंज के बाद अब केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने भी कांग्रेस पर व्यंग्यात्मक हमला बोला है। मांझी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन पर सवाल उठाया और राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाने की बात कहकर पार्टी नेतृत्व पर कटाक्ष किया। उनका यह बयान अब राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है।
'जीरो सीटें जीतने के बाद राहुल गांधी को PM बनाने का निर्देश'
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कांग्रेस पर तंज कसते हुए लिखा कि चार राज्यों की 28 विधान परिषद सीटों के लिए बैलेट पेपर से हुए चुनाव में कांग्रेस ने शून्य सीटें जीती हैं। इसके बाद उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में लिखा कि सोनिया गांधी ने मल्लिकार्जुन खरगे को राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाने का निर्देश दिया है। मांझी ने इसी क्रम में प्रियंका गांधी को गृह मंत्री और रॉबर्ट वाड्रा को वित्त मंत्री बनाने की बात भी कही।
अपने पोस्ट के अंत में मांझी ने लिखा, “आ रही है ना हँसी?” इसके बाद उन्होंने चुनाव में हार के बाद EVM पर सवाल उठाने को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। उनका कहना था कि चुनाव बैलेट पेपर से हो या EVM से, यदि जनता किसी पार्टी को स्वीकार नहीं करती तो उसे जीत हासिल नहीं हो सकती। मांझी का यह बयान कांग्रेस की चुनावी रणनीति और चुनावी हार के बाद EVM को लेकर उठने वाले सवालों पर राजनीतिक कटाक्ष के तौर पर देखा जा रहा है।
पीएम मोदी भी कांग्रेस के प्रदर्शन पर कस चुके हैं तंज
विधान परिषद चुनाव के नतीजों के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कांग्रेस की सीटों को लेकर तंज कसा। उनके बयान के बाद अब एनडीए के अन्य नेताओं की ओर से भी कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन पर निशाना साधा जा रहा है। इन बयानों से साफ है कि विधान परिषद चुनाव के नतीजे अब केवल स्थानीय राजनीतिक समीकरणों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनके जरिए राष्ट्रीय स्तर पर भी कांग्रेस की चुनावी स्थिति को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
चार राज्यों की 28 सीटों पर हुआ था चुनाव
बिहार, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक में विधान परिषद की कुल 28 सीटों के लिए चुनावी प्रक्रिया हुई थी। इनमें उत्तर प्रदेश की 11, बिहार की आठ, महाराष्ट्र की पांच और कर्नाटक की चार सीटें शामिल थीं। इन सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान हुआ था, जबकि मतगणना 27 अक्टूबर से शुरू हुई। चुनावी रिपोर्टों के मुताबिक, कांग्रेस को अपने उम्मीदवारों के लिए सफलता नहीं मिली। हालांकि, कांग्रेस ने सभी 28 सीटों पर उम्मीदवार नहीं उतारे थे।
चुनावी नतीजों के बाद बढ़ी सियासी बयानबाजी
विधान परिषद चुनाव में कांग्रेस को मिली असफलता के बाद भाजपा और एनडीए नेताओं ने पार्टी पर हमले तेज कर दिए हैं। जीतन राम मांझी का बयान भी इसी राजनीतिक प्रतिक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने चुनावी नतीजों को आधार बनाकर कांग्रेस पर निशाना साधा और EVM को लेकर पार्टी के रुख पर सवाल उठाए। दूसरी ओर, इन चुनावों के नतीजों को समझने के लिए प्रत्येक राज्य में पार्टीवार प्रदर्शन, उम्मीदवारों की स्थिति और स्थानीय राजनीतिक समीकरणों को भी देखना जरूरी है। फिलहाल, कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन को लेकर जारी बयानबाजी ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है।


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