भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में एसडीपीओ, एसएचओ समेत 5 पुलिसकर्मियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज, मां के आवेदन पर हुई कार्रवाई
- by Manjesh Kumar
- 23-Jun-2026
- Views
भोजपुर: भोजपुर में बीते दिनों भरत तिवारी का पुलिस एनकाउंटर लगातार एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है। एक तरफ विपक्ष लगातार हमले कर रहा है तो दूसरी तरफ पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि राज्य सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तरीय जांच का आदेश दे दिया है तथा अब एक और बड़ी कार्रवाई की गई है। मृतक भरत तिवारी की मां के बयान पर स्थानीय एसडीपीओ, शाहपुर थाना की थानाध्यक्ष संत 5 पुलिसकर्मियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज जी गई है। मामले की पुष्टि भोजपुर के एसपी मिस्टर राज ने की। मिली जानकारी के अनुसार भरत तिवारी की मां आशा देवी ने एसपी को आवेदन दिया था। अपने आवेदन ने उन्होंने पुलिस पर कई गंभीर आरोप लगाए थे।
उन्होंने कहा कि उनका बेटा बाढ़ विस्थापितों की समस्याओं को लेकर लगातार प्रशासन से संघर्ष कर रहा था और लोगों की आवाज उठा रहा था। आवेदन के अनुसार, घटना वाले दिन कई पुलिस पदाधिकारी और जवान उनके घर पहुंचे। पुलिस ने भरत तिवारी को अपने साथ चलने के लिए कहा। इसके बाद जो कुछ हुआ, उसे लेकर परिवार ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं। आशा देवी ने अपने आवेदन में दावा किया है कि पुलिस के सामने पहुंचने के बाद भरत तिवारी ने फेसबुक लाइव के दौरान अपने हाथ में मौजूद हथियार फेंक दिया था और खुद को पुलिस के हवाले कर दिया था। परिजनों ने आरोप लगाया कि इसके बावजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें पकड़कर जमीन पर गिरा दिया और भरत पर लगातार गोलियां चलाई गईं। आवेदन में कहा गया है कि भरत तिवारी को पांच गोलियां लगी थीं।
भरत तिवारी की मां ने दावा किया है कि जगदीशपुर पुलिस उपाधीक्षक के आदेश पर पुलिसकर्मियों ने गोली चलाई। परिवार ने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। आशा देवी ने आरोप लगाया कि घटना के बाद पुलिस भरत तिवारी को अपने साथ ले गई। इसके बाद कई घंटों तक परिवार को सही जानकारी नहीं दी गई। परिजनों का कहना है कि शाम के समय उन्हें सूचना दी गई कि भरत तिवारी की मौत हो चुकी है। अब आशा देवी के आवेदन के आधार पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।


Post a comment