बिहार में किया करप्शन तो बच नहीं पाएंगे सरकारी कर्मी, एक्जीक्यूटिव इंजीनियर के चार ठिकानों को खंगाल रही SVU

पटना: बिहार में सम्राट सरकार के गठन के साथ ही कहा गया था कि क्राइम और करप्शन से किसी भी सूरत में समझौता नहीं किया जायेगा और इस मामले में लगातार कार्रवाई भी की जा रही है। एक बार फिर बिहार में भ्रष्ट सरकारी कर्मियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई जारी है। मंगलवार को विशेष निगरानी इकाई की टीम बिहार में चार जगहों पर एक साथ छापेमारी करने पहुंची। सभी जगहों पर टीम कागजातों को खंगाल रही है। जानकारी के अनुसार लघु जल संसाधन विभाग के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर हरेन्द्र कुमार के चार ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। एसवीयू की अलग-अलग टीमें तीन जिलों में कागजात खंगालने में जुटी है। हरेन्द्र कुमार बांका जिले में पोस्टेड हैं।

जानकारी के अनुसार बांका जिले के बांका प्रमंडल में पदस्थापित हरेन्द्र कुमार पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। 10 अगस्त को मामला दर्ज किया गया था, इसके बाद 11 अगस्त को एसवीयू की अलग-अलग टीमें चार ठिकानों पर छापेमारी के लिए पहुंची। फिलहाल अधिकारी की संपत्ति, आय के श्रोत के साथ डॉक्युमेंट्स की भी जांच की जा रही है। जानकारी के अनुसार एसवीयू की टीम पटना में फ्लैट नंबर 307, जनक नंदिनी अपार्टमेंट, महावीर नगर, थाना- पत्रकार नगर में छापेमारी कर रही है साथ ही पटना के बेउर चौराहा स्थित छह मंजिला मकान में भी छापेमारी कर रही है। वहीं वैशाली जिले में पातेपुर थाना इलाके के सिमरवारा गांव में भी तलाशी की जा रही।

बांका जिले में लघु जल संसाधन विभाग के इंजीनियर के ऑफिस में भी छापेमारी की जा रही है। शुरुआत की जांच में इंजीनियर के आवास से जमीन खरीद के तीन कागजात मिले हैं। एसवीयू के अधिकारियों ने बताया कि एग्जीक्यूटिव इंजीनियर की संपत्ति का आकलन किया जा रहा है। प्रारंभिक जांच की कार्रवाई शुरू की गई है। एग्जीक्यूटिव इंजीनियर की संपत्ति, आय के स्त्रोत और दस्तावेजों की जांच की जा रही है। एग्जीक्यूटिव इंजीनियर से बैंक पासबुक, उनके परिजनों के पासबुक को खंगाला जा रहा है। विशेष निगरानी इकाई के अधिकारियों ने बताया कि अभियंता के पास अवैध संपत्ति होने की जानकारी मिली थी। इसकी पड़ताल करने के बाद 10 अगस्त को मामले में एफआईआर की गई थी। एफआईआर के अगले दिन 11 अगस्त को छापेमारी की गई।

  

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