105 किलो के भारी भरकम कांवर के साथ शिवभक्त अमर चले बाबा के डगर
- by Manjesh Kumar
- 10-Aug-2026
- Views
पूर्णिया: सावन के पावन महीने में शिवभक्त कांवर लेकर पैदल यात्रा करते हुए भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि ऐसा करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। बाबा की महिमा से हर काम संभव हो जाता है। भगवान शिव के प्रति अटूट आस्था रखने वाले स्नातक के छात्र अमर आमगाछी कांधे पर एक सौ पांच किलो वजनी कांवर लेकर पैदल जा रहे ये हैं रास्ते में लोग शिवभक्त अमर के कांवर को देखकर दांतों तले ऊंगली दबा लेते हैं। धीरे धीरे ही सही मगर म़जिल तक पहुंच ही जाएंगे। अमर के मन में दृढ़ इच्छा जागृत हुई की पैदल कांवर यात्रा के जरिये भगवान शंकर को जल अर्पित करें। इस साहसिक निर्णय के बाद अपने यात्रा की शुरुआत की।
अमर बीते 26 जुलाई को सुबह नौ बजे भागलपुर के सुल्तानगंज स्थित उत्तर वाहिनी गंगा से छह स्टील के कलश में 80 लीटर जल भरकर पैदल कांवर यात्रा कर रहे हैं। मूलरुप से ये अररिया जिले के आमगाछी गांव के रहनेवाले हैं। इनके साथ चार सहयोगी हैं जो कांवर उठाने में मदद करते हैं। एक सौ पांच किलो के कांवर को लेकर हर दिन आठ से दस किलोमीटर पैदल यात्रा करते हैं। लगभग 140 किलोमीटर पैदल यात्रा करने के बाद शिवभक्त अमर भागलपुर नवगछिया कुर्सेला गेड़ाबाड़ी के रास्ते पंद्रहवें दिन पूर्णियां शहर पहुंचे। यहां से भारी भरकर कांवर उठाकर पैदल यात्रा करते हुए अररिया के कुर्साकांटा स्थित सुंदरनाथ धाम के लिए रवाना हो गये। शिवभक्त अमर ने बताया कि भगवान शिवशंकर के कृपा से कांवर के वजन का पता नहीं लगता है। उन्होंने कहा कि भगवान शंकर की महिमा से यात्रा बिना किसी विघ्न बाधा के पूरी हो जाएगी।


Post a comment