तीन दिवसीय सहयोग शिविर से पहले बड़ी चुनौती: हजारों लोगों की भीड़, लेकिन प्रखंड मुख्यालय में शौचालय व्यवस्था ठप

कटिहार: जिला के बरारी प्रखंड मुख्यालय में 16 से 18 जून तक आयोजित होने वाले तीन दिवसीय विशेष सहयोग शिविर को लेकर प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। शिविर में विभिन्न सरकारी योजनाओं से जुड़े कार्यों के लिए हजारों लोगों के पहुंचने की संभावना है। लेकिन शिविर शुरू होने से पहले ही प्रखंड मुख्यालय की एक गंभीर अव्यवस्था लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकती है। सबसे बड़ी विडंबना यह है कि जहां हजारों लोगों के जुटने की उम्मीद है, वहीं पूरे प्रखंड मुख्यालय परिसर में एक भी सुलभ शौचालय चालू स्थिति में नहीं है।

जानकारी के अनुसार प्रखंड मुख्यालय परिसर में कुल छह सुलभ शौचालय बने हुए हैं। इन शौचालयों का निर्माण लोगों की सुविधा और स्वच्छता व्यवस्था को ध्यान में रखकर किया गया था। लेकिन वर्तमान स्थिति यह है कि सभी शौचालयों पर हमेशा ताला लटका रहता है। आम लोगों के उपयोग के लिए इनमें से कोई भी शौचालय उपलब्ध नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रखंड, अंचल, बैंक, राजस्व एवं अन्य सरकारी कार्यों के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग मुख्यालय पहुंचते हैं। इसके बावजूद मूलभूत सुविधाओं की स्थिति बेहद खराब है। विशेष रूप से महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों को सबसे अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। दूर-दराज के गांवों से आने वाली महिलाओं को घंटों तक अपने कार्यों के लिए परिसर में रुकना पड़ता है, लेकिन शौचालय की सुविधा नहीं मिलने से उन्हें भारी असुविधा झेलनी पड़ती है।

ग्रामीणों का आरोप है कि लाखों रुपये खर्च कर बनाए गए सार्वजनिक शौचालय केवल शोभा की वस्तु बनकर रह गए हैं। रखरखाव और संचालन के अभाव में ये सुविधाएं आम लोगों के लिए बेकार साबित हो रही हैं।शौचालय के आस पास घने जंगल उग गए है जिसमें विषैले कूड़े मकोड़े ने अपना डेरा जमा रखा है। कई बार इस समस्या की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब तीन दिनों तक चलने वाले सहयोग शिविर में हजारों लाभार्थियों और आम नागरिकों की भीड़ जुटने वाली है, तब शौचालय जैसी बुनियादी सुविधा का अभाव कैसे दूर किया जाएगा। स्वच्छता और जनसुविधा को लेकर बड़े-बड़े दावे करने वाले विभागों की कार्यशैली पर भी इससे सवाल खड़े हो रहे हैं।

स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि शिविर शुरू होने से पहले सभी सुलभ शौचालयों को तत्काल चालू कराया जाए ताकि आने वाले लोगों, विशेषकर महिलाओं को परेशानी का सामना न करना पड़े। लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन इस मूलभूत समस्या पर भी संवेदनशील नहीं हुआ तो सहयोग शिविर में आने वाले हजारों लोगों के सामने अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

  

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