नालंदा में रक्षाबंधन के लिए मालिक से पैसे ले कर घर जाने की बात कही, संदिग्ध मौत के बाद परिजनों ने कहा 'शराब की वजह से...'

नालंदा: बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महिलाओं की मांग पर करीब 10 वर्ष पहले शराबबंदी कानून लागू किया था। शराबबंदी कानून लागू किए जाने का मुख्य उद्देश्य था घरेलू हिंसा और गरीब तबके के लोगों का शराब के पीछे अपनी कमाई बर्बाद किए जाने का मामला खत्म करना लेकिन अब इसका उल्टा असर दिखाई दे रहा है। शराबबंदी के बावजूद बिहार में अवैध तरीके से नशे का कारोबार जोरो पर है और अक्सर लोग जहरीली शराब पी कर अपनी जान भी गंवाते हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया है नालंदा से जहां एक व्यक्ति की संदिग्ध मौत हो गई। व्यक्ति के परिजनों ने जहरीली शराब की वजह से मौत की आशंका जताई है। हालांकि अभी तक प्रशासनिक पुष्टि नहीं की गई है लेकिन जिले की पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

मामला नालंदा के कतरीसराय थाना क्षेत्र के मुशहरी गांव के पास का है, जहां एक युवक मुन्ना प्रसाद की संदिग्ध हालत में शव पुलिस ने बरामद किया है। परिजनों ने आशंका जाहिर की है कि युवक की मौत शराब का अत्यधिक ओवरडोज लेने के कारण हुई है। परिजनों ने बताया कि वह कतरीसराय में पिछले छः सालों से एक चिमनी भट्ठे पर काम करता था। रक्षाबंधन के दिन मुन्ना प्रसाद अपने मालिक से चार हजार रूपये घर जाने के बहाने लिया और उसके बाद वह अपने घर खरजम्मा राजगीर न जाकर शराब का सेवन करने मुशहरी गांव चला गया। परिजनों ने बताया कि  वह नशे का आदि था और मुशहरी गांव अक्सर शराब पीने जाता था।

रक्षाबंधन के दिन मुशहरी गांव के पास नशे की हालत में देखा गया था। वही राजगीर डीएसपी संजीत कुमार गुप्ता ने फोन पर बताया कि उन्हें इस घटना की जानकारी मिली है। पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दी है। पोस्टमार्टम के बाद मामला साफ होगा। उन्होंने बताया कि परिजनों के अनुसार प्रथमदृष्टया में मामला शराब का अत्यधिक डोज लेने से हुई है, लेकिन पुलिस के अनुसार मामला फिलहाल संदिग्ध लग रहा है।

  

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