सात निश्चय योजना में सड़क ही ‘गायब’! ग्रामीणों ने लगाया गड़बड़ी का आरोप, उच्चस्तरीय जांच की मांग

बेगूसराय: बेगूसराय के मंसूरचक पंचायत के वार्ड संख्या-1 स्थित सातभैया टोल में मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना के तहत स्वीकृत सड़क निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि योजना के तहत पीएमजीएसवाई पथ से देवनंदन महतो के डेरा होते हुए सुरेंद्र महतो के डेरा तक मिट्टी भराई एवं पेवर ब्लॉक लगाने का कार्य होना था, लेकिन योजना स्थल पर धरातल पर अपेक्षित कार्य दिखाई नहीं दे रहा है। ग्रामीणों के अनुसार योजना संख्या 05/2020-21 के तहत स्वीकृत इस कार्य की प्राक्कलित राशि 2 लाख 81 हजार 900 रुपये बताई गई है। ग्रामीणों ने योजना की राशि और कार्य की स्थिति की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि सरकारी राशि की निकासी हुई है तो उसके अनुरूप कार्य स्थल पर दिखाई देना चाहिए। ग्रामीणों ने प्रशासन से स्थल निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने तथा योजना से संबंधित अभिलेखों की जांच कराने की मांग की है।

ग्रामीण संजय महतो ने आरोप लगाया कि योजना के कार्य में गड़बड़ी का विरोध करने पर उन्हें जेल भेजने की धमकी दी जाती है। उन्होंने कहा कि हमने सुना था कि घर, दुकान और बिजली की चोरी होती है, लेकिन यहां तो सड़क ही चोरी हो गई। संजय महतो ने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो ग्रामीण प्रखंड मुख्यालय पर भूख हड़ताल करने को मजबूर होंगे। आशा कुमारी ने कहा कि योजना स्थल पर एक ट्रेलर मिट्टी तो दूर, एक छिट्टा मिट्टी भी नहीं गिराया गया है। वहीं राजीव कुमार महतो ने बताया कि उन्होंने सहायता पोर्टल पर आवेदन देकर योजना की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। देवनंदन महतो, राजकुमार महतो, राजेश महतो, रामाशीष महतो, विकास कुमार, सुनीता देवी, कंचन देवी, मीणा देवी, मधुबाला देवी, प्रियंका देवी और नंदकिशोर महतो सहित अन्य ग्रामीणों ने भी योजना स्थल पर मिट्टी नहीं गिराए जाने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन स्थल का भौतिक सत्यापन कर योजना की वास्तविक स्थिति सामने लाए।

दूसरी ओर सामने आए अलग-अलग दावे

इस मामले में पूर्व वार्ड सदस्य के पति देवेंद्र कुमार महतो ने दूरभाष पर बताया कि सड़क पर सात ट्रेलर मिट्टी गिराई गई थी, जिसके बाद राजीव कुमार महतो और संजय महतो ने काम रोक दिया। हालांकि, बातचीत के दौरान उन्होंने बाद में करीब 50 से 60 ट्रेलर मिट्टी गिराए जाने की बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि योजना में आगे कितनी राशि की निकासी हुई, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। वार्ड सचिव जितेंद्र महतो ने बताया कि वे छोटे-मोटे प्रैक्टिशनर हैं और योजना स्थल पर नहीं गए थे। उनके अनुसार मुखिया की ओर से करीब 60 ट्रेलर मिट्टी गिराए जाने की बात बताई गई थी। एमबी क्लोज करने के लिए चेक पर हस्ताक्षर करने को कहा गया, जिस पर उन्होंने हस्ताक्षर कर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व के मुखिया के समय भी इसी तरह कार्य होने की बात सामने आती रही है। पूर्व मुखिया अरमान कुरैशी ने ग्रामीणों के आरोपों को राजनीतिक साजिश बताया। उन्होंने कहा कि राजीव महतो और संजय महतो ने सड़क का काम रुकवा दिया था। उनके अनुसार योजना में करीब 60 ट्रेलर मिट्टी गिराई गई है और केवल मिट्टी भराई की राशि निकाली गई है, जबकि पेवर ब्लॉक के कार्य की राशि जमा है।

1.20 लाख रुपये की निकासी को लेकर सवाल

ग्रामीणों के अनुसार योजना की प्राक्कलित राशि 2 लाख 81 हजार 900 रुपये है, जबकि करीब 1.20 लाख रुपये की निकासी की बात सामने आ रही है। ऐसे में ग्रामीणों का कहना है कि योजना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए स्थल निरीक्षण के साथ एमबी, भुगतान अभिलेख और कार्य की मात्रा का मिलान कराया जाना चाहिए। यदि 60 ट्रेलर मिट्टी गिराए जाने का दावा किया जा रहा है तो प्रशासन द्वारा इसकी वास्तविक मात्रा, निर्धारित दर और भुगतान अभिलेखों का सत्यापन कराया जा सकता है। ग्रामीणों ने मांग की है कि जांच के बाद यदि किसी स्तर पर अनियमितता सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए। फिलहाल मामला ग्रामीणों के आरोप, संबंधित पक्षों के अलग-अलग दावों और योजना से जुड़े अभिलेखों की जांच पर टिका है। अब प्रशासनिक स्तर पर स्थल निरीक्षण और सरकारी दस्तावेजों की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि योजना के तहत कितना कार्य हुआ और कितनी राशि खर्च या निकासी की गई। ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करने की मांग की है।

  

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