बाढ़ पीड़ित लोगों के खाते में 12 अक्टूबर को भेजा जाएगा राहत की राशि, सीएम ने लिया स्थिति एवं क्षति का जायजा

पटना: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को लोक सेवक आवास स्थित 'संकल्प' सभागार में बाढ़ 2026 की स्थिति एवं इससे हुई क्षति को लेकर समीक्षा बैठक की और अधिकारियों को विस्तृत रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। इस दौरान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह सांसद नितिन नवीन मौजूद थे। समीक्षा के दौरान जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ चन्द्रशेखर सिंह ने बिहार में दो चरणों में आई बाढ़ के कारणों तथा उत्पन्न स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया कि प्रथम चरण में गंगा, सोन, घाघरा, कोसी एवं पुनपुन नदियों में पूर्व के उच्चतम जल स्तर की तुलना में नया उच्चतम जल स्तर दर्ज किया गया। वहीं, दूसरे चरण में अतिवृष्टि के कारण गंडक नदी में चार स्थलों पर उच्चतम जल स्तर दर्ज किया गया। पश्चिम चंपारण, गोपालगंज एवं सारण जिले में 6 स्थलों पर तटबंध क्षतिग्रस्त हुए थे। आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल ने बाढ़ के दौरान किये गये राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी दी।

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष गंगा, गंडक एवं सोन नदियों में पूर्व के वर्षों की तुलना में अत्यधिक मात्रा में पानी आने के कारण बाढ़ की गंभीर स्थिति उत्पन्न हुई। उन्होंने कहा कि नदियों में बाढ़ आने की एक प्रमुख वजह नदी तल में गाद (सिल्ट) का जमा होना भी है। बिहार देश का पहला राज्य है, जिसने गाद नीति बनाई है। मुख्यमंत्री ने नदियों की वर्तमान स्थिति एवं बाढ़ से हुई क्षति की लगातार निगरानी करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ से हुई क्षति की प्रथम दृष्टया विस्तृत रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत की जाए ताकि प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं पुनर्वास तथा आवश्यक विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके। उन्होंने कहा कि द्वितीय चरण में बाढ़ से प्रभावित परिवारों के बीच 12 अक्टूबर 2026 को अनुग्रहिक राहत राशि वितरित की जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा प्रबंधन विभाग सभी संबंधित विभागों से बाढ़ से हुई क्षति का आंकलन एवं उसके पुनर्स्थापन में होने वाले व्यय का आंकलन कराकर अतिशीघ्र प्रतिवेदन उपलब्ध कराये। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से जलनिकासी के पश्चात् संभावित परेशानियों को ध्यान में रखते हुये आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करें।

बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह सांसद नितिन नवीन, उप मुख्यमंत्री सह जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, उप मुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सदा, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल, कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, ग्रामीण कार्य विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह, जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ चन्द्रशेखर सिंह, डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के सचिव शीर्षत कपिल अशोक सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।

  

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