16 वर्षों की उपलब्धियों का उत्सव, बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर ने मनाया 17वां स्थापना दिवस रचा नवाचार का नया इतिहास
- by Manjesh Kumar
- 05-Aug-2026
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भागलपुर: कृषि शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर आज अपने 17वें स्थापना दिवस के अवसर पर 16 वर्षों की गौरवशाली यात्रा का उत्सव मना रहा है। इस मौके पर विश्वविद्यालय परिसर में भव्य समारोह आयोजित किया गया, जिसमें कृषि जगत की उपलब्धियों, नवाचारों और उत्कृष्ट योगदान देने वाले वैज्ञानिकों एवं छात्रों को सम्मानित किया गया। समारोह में बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन मुख्य अतिथि के रूप में ऑनलाइन शामिल हुए। वहीं कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने भी वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम को संबोधित किया। विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित मुख्य समारोह में ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, कई विधायक, विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ डी आर सिंह, शिक्षाविद, वैज्ञानिक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय ने बीते 16 वर्षों की उपलब्धियों का विस्तृत लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। कुलपति डॉ डी आर सिंह ने कहा कि बिहार कृषि विश्वविद्यालय ने अनुसंधान, तकनीकी नवाचार और किसानों के हित में विकसित नई तकनीकों के माध्यम से अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। विश्वविद्यालय के कई शोध और कृषि उत्पादों को पेटेंट प्राप्त हुए हैं, जो इसकी वैज्ञानिक क्षमता और नवाचार की सोच को दर्शाते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पूर्वी भारत का पहला कृषि विश्वविद्यालय होने का गौरव बिहार कृषि विश्वविद्यालय को प्राप्त है, जिसे NAAC से ग्रेड 'A' (Grade-I स्तर की मान्यता) मिली है। यह उपलब्धि विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध कार्यों और उत्कृष्ट संस्थागत व्यवस्थाओं का प्रमाण है।
बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर कृषि विकास का प्रमुख केंद्र है, यह भागलपुर के ऐतिहासिक सबौर परिसर में स्थित बिहार कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना वर्ष 2010 में राज्य के कृषि विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से की गई थी। विश्वविद्यालय कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, कृषि अभियांत्रिकी और संबद्ध विषयों में शिक्षा, अनुसंधान तथा विस्तार सेवाओं के माध्यम से किसानों तक आधुनिक तकनीक पहुंचाने का कार्य कर रहा है।


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