पंचायत सरकार भवन को रखें पूरी तरह से क्रियाशील, विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा बैठक में डीएम ने अधिकारियों को दिए कई निर्देश
- by Manjesh Kumar
- 03-Oct-2026
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पटना: जिला अंतर्गत चल रहे विकासात्मक एवं कल्याणकारी व योजनाओं एवं कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को अपने कार्य पूरी गुणवत्ता के साथ समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए
पंचायत सरकार भवनों के सुचारू संचालन पर विशेष जोर
जिलाधिकारी ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों एवं प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले के सभी पंचायत सरकार भवन पूरी तरह क्रियाशील रहें तथा वहां निर्धारित कर्मियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। पंचायत सरकार भवनों के संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि पंचायत सरकार भवनों पर कार्यरत कर्मियों के वेतन का भुगतान बायोमेट्रिक उपस्थिति के आधार पर ही किया जाए। किसी पंचायत सरकार भवन के बंद अथवा गैर-क्रियाशील पाए जाने पर संबंधित प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी पर कार्रवाई की जाएगी। सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को पंचायत सरकार भवनों के संचालन का नियमित अनुश्रवण करने का निर्देश दिया गया।
उद्योग एवं बड़ी परियोजनाओं लिए लैंड बैंक तैयार करने का निर्देश
जिलाधिकारी ने जिले में औद्योगिक इकाइयों एवं बड़ी परियोजनाओं की स्थापना के लिए पर्याप्त भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। सभी अंचल अधिकारियों एवं अनुमंडल पदाधिकारियों को उपयुक्त सरकारी भूमि की पहचान कर लैंड बैंक तैयार करने का निर्देश दिया गया, ताकि बड़ी परियोजनाओं आवश्यकता के अनुरूप औद्योगिक एवं अन्य विकास परियोजनाओं के लिए भूमि उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने संबंधित विभागों को उद्योग एवं विभिन्न उद्यमों से संबंधित आवेदनों, अनापत्ति प्रमाण-पत्र, क्लीयरेंस एवं लाइसेंस से जुड़े मामलों का सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ ससमय निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा। इससे जिले में औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलने के साथ रोजगार सृजन एवं आर्थिक विकास के अवसरों का विस्तार होगा।
बैठक में ‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प’ अभियान की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, स्वास्थ्य केंद्रों, पंचायत भवनों एवं अन्य चयनित सरकारी भवनों एवं स्कीमो में आवश्यक सुधार एवं विकासात्मक कार्यों की प्राथमिकता के आधार पर सूची तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक भवन में उपलब्ध आधारभूत संरचना एवं आवश्यक सुविधाओं की कमियों को चिह्नित कर उनके निराकरण की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। विद्यालयों पर विशेष ध्यान देते हुए उन्होंने कहा कि विद्यालयों के वास्तविक आवश्यकताओं एवं समस्याओं की पहचान मीना मंच एवं बाल संसद के माध्यम से भी की जाए, ताकि उनकी वास्तविक जरूरतों के अनुरूप सुधारात्मक कार्य किए जा सकें।
अस्पतालों में चिकित्सकों की समय पर उपस्थिति एवं सुविधाओं की जानकारी प्रदर्शित करने का निर्देश
जिलाधिकारी ने अस्पतालों में चिकित्सकों की ससमय उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए सिविल सर्जन को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी अस्पतालों में डिजिटल डिस्प्ले लगाने को कहा, जिस पर जिनकी ड्यूटी हो उन चिकित्सक का नाम एवं मोबाइल नंबर प्रदर्शित हो, ताकि मरीजों एवं उनके परिजनों को सुविधा हो सके। साथ ही अस्पतालों में उपलब्ध विभिन्न स्वास्थ्य सुविधाओं एवं सेवाओं की जानकारी भी प्रमुख स्थानों पर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने का निर्देश दिया गया।
लोक शिकायत, आरटीपीएस एवं न्यायालयीय मामलों के त्वरित निष्पादन पर जोर
बैठक में बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम, बिहार लोक सेवाओं का अधिकार अधिनियम विभिन्न न्यायालयीय मामलों की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित पदाधिकारियों को सभी मामलों का ससमय, गुणवत्तापूर्ण एवं नियमानुसार निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
भू-अर्जन एवं मुआवजा भुगतान में तेजी लाने का निर्देश
विभिन्न विकास एवं आधारभूत संरचना परियोजनाओं के लिए किए जा रहे भू-अर्जन की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिन भू-स्वामियों को अर्जित भूमि का मुआवजा अब तक प्राप्त नहीं हुआ है, उनके लिए विशेष कैंप आयोजित कर भुगतान की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। उन्होंने सभी अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन भूमि का भू-अर्जन पूर्ण हो चुका है, उनका दाखिल-खारिज तत्काल सुनिश्चित किया जाए, ताकि परियोजनाओं से संबंधित आगे की प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न हो। बैठक में उप विकास आयुक्त शुभम कुमार सहित विभिन्न विभागों के संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।


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