मोतीपुर में नई चीनी मिल के साथ ही खुलेगा गन्ना अनुसंधान केंद्र
- by Manjesh Kumar
- 30-Jul-2026
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राज्य सरकार के आदेश पर चीनी मिल के 266 एकड़ लीज भूमि को लिया जाएगा वापस। 1997 में बंद हो गई थी मोतीपुर चीनी मिल
पटना: मुजफ्फरपुर जिले के मोतीपुर चीनी मिल को खोलने के साथ ही वहां गन्ना अनुसंधान संस्थान खोलने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए राज्य सरकार ने चीनी मिल के 266 एकड़ भूमि वापस लेने का आदेश दिया है। इस मिल के खुलने से वहां के किसानों की खुशहाली लौटेगी। वहीं उस मिल के बंद होने के बाद बेरोजगार हुए कर्मियों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। विदित हो कि बिहार सरकार ने मोतीपुर चीनी मिल की 266 एकड़ लीज भूमि को वापस अपने अधिकार में लेने का आदेश दिया है। कैबिनेट से मंजूरी के बाद अब इस जमीन पर एक नई चीनी मिल, गन्ना अनुसंधान संस्थान और अन्य औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने का रास्ता साफ हो गया है। इस मिल के पूर्व निवेशक आईपीएल के साथ करार खत्म होने के बाद न्यायालय के आदेश पर राज्य सरकार पूर्व निवेशक को 63.39 करोड़ का भुगतान कर यह 266 एकड़ जमीन वापस ले रही है, जिससे यहाँ नए सिरे से निवेश का रास्ता साफ हो गया है।
मोतीपुर चीनी मिल एक समय में उत्तर बिहार के एक बड़े हिस्से की आर्थिक धुरी हुआ करती थी। इस चीनी मिल के वर्ष 1997 में बंद होने से न केवल हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार छिन गए थे, बल्कि गन्ना किसानों की आमदनी का जरिया खत्म हो गया था। मिल पर आश्रित स्थानीय बाजार, छोटे कारोबारी और ट्रांसपोर्ट व्यवस्था भी चरमरा गई थी। मोतीपुर चीनी मिल के 266 एकड़ ही एक आधुनिक 'गन्ना अनुसंधान संस्थान' खोलने का निर्णय लिया गया है। नई औद्योगिक इकाइयों के स्थापित होने से स्थानीय युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होंगे। वहां नई मिल शुरू होने से मुजफ्फरपुर और आसपास के जिलों के गन्ना किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए एक बड़ा और सुलभ स्थानीय बाजार मिलेगा।


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