मलमास के कारण एक महीने आगे बढ़ी माता महामालती व शीतला पूजा, 23-24 जून को होगा भव्य आयोजन
- by Manjesh Kumar
- 20-Jun-2026
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पूर्णिया: पूर्णिया पूर्व प्रखंड के रानीपतरा स्थित कलीगंज चांदीबारी गांव में अवस्थित माता महामालती एवं शीतला स्थान में प्रतिवर्ष ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को कलश स्थापना तथा दशमी तिथि (गंगा दशहरा) के अवसर पर भव्य पूजा-अर्चना का आयोजन किया जाता है। इस वर्ष मलमास पड़ने के कारण पूजा का आयोजन एक माह आगे बढ़ा दिया गया है। अब 23 जून को माता रानी की निशा पूजा तथा 24 जून को बलि प्रथा के साथ मुख्य पूजा संपन्न होगी।मंदिर समिति के अनुसार, माता महामालती एवं शीतला स्थान की ख्याति दूर-दूर तक फैली हुई है।
प्रत्येक वर्ष पूर्णिया, कटिहार, अररिया, किशनगंज, मधेपुरा, सहरसा, सुपौल, भागलपुर, मनिहारी, साहिबगंज सहित पड़ोसी देश नेपाल से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचकर पूजा-अर्चना करते हैं। मंदिर की भगत शकुंतला देवी ने बताया कि मंदिर की स्थापना वर्ष 1987 में की गई थी। उन्होंने बताया कि उस समय क्षेत्र में भीषण बाढ़ आई थी, जिसके बाद एक गंभीर बीमारी फैल गई थी। बीमारी की चपेट में बच्चे, युवा और बुजुर्ग बड़ी संख्या में आने लगे थे तथा कई परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था। इसी दौरान माता महामालती ने उन्हें स्वप्न में दर्शन देकर मंदिर निर्माण एवं प्रतिमा स्थापना का निर्देश दिया। इसके बाद ग्रामीणों के सहयोग से मंदिर का निर्माण कराया गया और माता महामालती की प्रतिमा स्थापित की गई।
मंदिर स्थापना के बाद क्षेत्र में महामारी का प्रभाव समाप्त हो गया। तभी से यहां प्रतिवर्ष श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा का आयोजन किया जाता है।शकुंतला देवी ने कहा कि माता के दरबार में सच्चे मन से आने वाले श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और कोई भी भक्त खाली हाथ नहीं लौटता।वहीं, उनके भाई संतोष कुमार चौरसिया ने बताया कि पूजा के दौरान सुरक्षा एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय मुफस्सिल थाना तथा जिला प्रशासन का भरपूर सहयोग मिलता है। मंदिर परिसर से लेकर मुख्य द्वार तक सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी की जाएगी। साथ ही स्वयंसेवकों (वॉलंटियर्स) की भी तैनाती की जाएगी।उन्होंने बताया कि 23 जून को रात्रि 8 बजे से निशा पूजा का आयोजन होगा, जबकि 24 जून को दोपहर 1 बजे से मुख्य पूजा शुरू होगी। देर शाम तक बलि प्रथा एवं अन्य धार्मिक अनुष्ठानों के साथ दो दिवसीय माता महामालती एवं शीतला पूजा का समापन किया जाएगा।


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