एक महिला पढ़ेगी, सात पीढ़ी गढ़ेगी: अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर जगाई शिक्षा की अलख

मुज़फ़्फ़रपुर: मंगलवार को अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पुरानी गुदरी बीबी जान लेन मोहल्ला मे पर ‘एक प्रयास मंच’ द्वारा महिलाओं के बीच शिक्षा एवं साक्षरता को लेकर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक करना और उन्हें अपने परिवार तथा समाज को शिक्षित करने के लिए प्रेरित करना रहा। इस अवसर पर मंच के संस्थापक संजय रजक ने कहा कि शिक्षा के बिना मनुष्य का जीवन अधूरा है। प्रत्येक व्यक्ति का शिक्षित होना बेहद जरूरी है। एक शिक्षित व्यक्ति न केवल अपने परिवार को बेहतर दिशा दे सकता है, बल्कि समाज और देश के निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक वर्ष 8 सितंबर को अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक करना और समाज में साक्षरता को बढ़ावा देना है। एक प्रयास मंच का भी उदेश्य सब पढ़े सब बढे और शहर मे लगातर शहर के स्लम जरूरतमंद लोगो की बीच पठन समाग्री वितरण, लोकगीत गाकर जागरूक किया जाता है.ताकि सभी पढ़े और सभी आगे बढे। महिलाओं के बीच आयोजित इस विशेष कार्यक्रम का संदेश था—“एक महिला पढ़ेगी, सात पीढ़ी गढ़ेगी।” संजय रजक ने कहा कि जब एक महिला शिक्षित होती है, तो उसका प्रभाव केवल उस महिला तक सीमित नहीं रहता, बल्कि वह अपने बच्चों, परिवार और समाज को शिक्षित एवं जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

कार्यक्रम के दौरान महिलाओं के बीच पठन सामग्री का वितरण भी किया गया। मंच की ओर से महिलाओं को शिक्षा से जुड़ने और अपने परिवार की अगली पीढ़ी को शिक्षा के प्रति प्रेरित करने का संकल्प दिलाया गया। एक प्रयास मंच ने कहा कि शिक्षा को घर-घर तक पहुंचाने और समाज में जागरूकता फैलाने के लिए ऐसे प्रयास लगातार जारी रहेंगे। कार्यक्रम मे मंजु देवी, छठी कुमारी, सीमा देवी, शिल्पा, कविता, चाँदनी, नितु, सुधा, संजू, पूनम, अंजली, प्रमिला, सरस्वती, चंदा, सीता, संजय रजक उपस्थित थे।

मुजफ्फरपुर से रूपेश कुमार की रिपोर्ट

  

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