6 सूत्री मांगों के साथ धरना पर बैठे नल जल अनुसेवक निकले सीएम आवास का घेराव करने, पुलिस ने रोका तो सड़क पर बैठ गए
- by Manjesh Kumar
- 07-Sep-2026
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पटना: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सात निश्चय के तहत लोगों को नल से जल का वादा किया और परियोजना जमीन पर उतारते हुए क्रियान्वयन भी किया। नल जल योजना के क्रियान्वयन के लिए राज्य में बोरिंग और पानी की सप्लाई के लिए कर्मियों की नियुक्ति की गई। हालांकि इन कर्मियों को वेतनमान के तौर पर महज दो हजार रुपए दिए जाने की बात की गई थी। अब इन कर्मियों का आरोप है कि वर्ष 2017 से उन्हें यह राशि भी नहीं मिली है। इन्हीं बातों को लेकर सोमवार को नल जल अनुसेवकों ने राजधानी पटना की सड़क पर उतर कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी 6 सूत्री मांग को लेकर सड़क कर उतरे हैं। उनकी मांग है कि नई नियमावली लागू की जाए और उन्हें PHED एवं PRD वार्ड सदस्य के नियंत्रण से मुक्त किया जाए।
अनुसेवकों की मांग है कि भूमिदान को अनुरक्षक बना कर जमीन रजिस्ट्री का कानून खत्म किया जाए, अनुरक्षकों को सीधे बैंक में 18 हजार रुपए मासिक वेतनमान दिया जाए। इसके साथ ही पेंशन, मुफ्त इलाज, हर महीने चार छुट्टी और पर्व त्यौहार में बोनस दी जाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे लोग करीब 10 वर्षों से नल जल योजना से जुड़े हैं लेकिन उन्हें कोई फायदा नहीं मिल रहा। उन्होंने कहा कि हम अपनी मांगों को लेकर पिछले 22 दिनों से राजधानी पटना के गर्दनीबाग में धरना दे रहे हैं लेकिन अब तक सरकार ने हमारी नहीं सुनी और न ही कोई आश्वासन दिया गया। इन्हीं बातों को लेकर अब सोमवार को वे लोग गांधी मैदान से मार्च शुरू कर सीएम आवास का घेराव करने निकले हैं।
बता दें कि अपनी 6 सूत्री मांगों को लेकर नल जल अनुसेवक पिछले 22 दिनों से गर्दनीबाग में धरना दे रहे हैं। सोमवार को प्रदर्शनकारी गांधी मैदान से जुलूस की शक्ल में सीएम आवास का घेराव करने निकले लेकिन पुलिस ने उन्हें जेपी गोलंबर के समीप बैरिकेडिंग लगा कर रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी वहीं जमीन पर बैठ गए। प्रदर्शन को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा की पुख्ता तैयारी की है और कई लेयर में सुरक्षाबलों को तैनात किया गया है। मौके पर बैरिकेडिंग के साथ दंगा नियंत्रण बल और वाटर कैनन की गाड़ियां भी तैनात की गई हैं।


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