ICAR पटना में प्रयोगशाला कौशल एवं उद्यमिता पर व्यावहारिक प्रशिक्षण का शुभारंभ

पटना: प्रयोगशाला कौशल एवं उद्यमिता: मृदा, पशु एवं मानव स्वास्थ्य के लिए वन हेल्थ दृष्टिकोण विषय पर चार दिवसीय व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम मंगलवार को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर में शुरू हुआ। यह कार्यक्रम 21 अगस्त तक चलेगा। वनस्पति विज्ञान, प्राणी विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी और फार्मेसी में स्नातक, स्नातकोत्तर एवं पीएचडी की पढ़ाई कर रहे कुल 16 विद्यार्थी इस प्रशिक्षण में भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को प्रयोगशाला सुरक्षा, रसायनों के सुरक्षित रख-रखाव, प्रयोगशाला उपकरणों के संचालन तथा बुनियादी सूक्ष्मजीव विज्ञान तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रतिभागियों को विभिन्न प्रायोगिक प्रक्रियाओं का प्रदर्शन कर दिखाया जा रहा है, ताकि वे आधुनिक प्रयोगशाला पद्धतियों और अनुसंधान कार्यप्रणालियों से परिचित हो सकें।

संस्थान के निदेशक डॉ अनुप दास ने युवा विद्यार्थियों को अनुसंधान, नवाचार और भविष्य में रोजगार एवं करियर के अवसरों के लिए तैयार करने में वैज्ञानिक ज्ञान के साथ व्यावहारिक प्रयोगशाला कौशल एवं उद्यमिता के समन्वय के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्राप्त ज्ञान और वास्तविक वैज्ञानिक अनुप्रयोगों के बीच की दूरी को कम करने में सहायक होते हैं। कार्यक्रम के अंतर्गत बिहार पशु चिकित्सा महाविद्यालय के पशु चिकित्सा जनस्वास्थ्य प्रभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ पुरुषोत्तम कौशिक ने वन हेल्थ दृष्टिकोण पर व्याख्यान दिया।

उन्होंने मानव, पशु एवं पर्यावरणीय स्वास्थ्य के परस्पर संबंधों को रेखांकित करते हुए उभरती स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने के लिए एकीकृत दृष्टिकोण के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के दौरान पशुधन एवं मात्स्यिकी प्रबंधन के प्रमुख डॉ कमल शर्मा, प्रधान वैज्ञानिक डॉ शिवानी तथा अन्य वैज्ञानिक एवं कर्मचारी भी उपस्थित थे। यह प्रशिक्षण अनुसूचित जाति उप योजना (एससीएसपी) के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य व्यावहारिक शिक्षण एवं अंतर्विषयक अनुभव के माध्यम से युवा विद्यार्थियों की तकनीकी दक्षता, अनुसंधान अभिरुचि एवं उद्यमशील क्षमताओं को बढ़ाना है।

  

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