मंत्री के सामने बैठे फरियादी से डाटा एंट्री ऑपरेटर ने मांगी 50 हजार की घूस, 1 घंटे में सस्पेंड करने का दिया निर्देश
- by Manjesh Kumar
- 01-Aug-2026
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पटना: एक तरफ बिहार में सरकार क्राइम और करप्शन के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करने की बात करती है तो दूसरी तरफ राज्य के भ्रष्ट सरकारी कर्मी मानने के लिए तैयार नहीं हैं। ऐसा ही एक सनसनीखेज मामला सामने आया है जब मंत्री के सामने ही एक व्यक्ति से सरकारी कर्मी ने फोन पर घूस की मांग कर दी। इसके बाद मंत्री भड़क गए और उक्त कर्मी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करने का निर्देश जारी कर दिया। दरअसल शनिवार को बिहार सरकार की जन सुनवाई में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री लखेंद्र पासवान के सामने एक फरियादी ने आरोप लगाया कि एससी-एसटी अत्याचार अधिनियम के तहत मिलने वाली अनुदान राशि जारी करने के बदले उससे 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही है। शिकायत की पुष्टि के लिए मंत्री ने मौके पर ही फोन करवाया और बातचीत सुनने के बाद तत्काल कार्रवाई का आदेश दे दिया।
सीतामढ़ी के रहने वाले कमलेश पासवान ने मंत्री से शिकायत की कि विभाग का एक डाटा एंट्री ऑपरेटर अनुदान राशि जारी करने के लिए 50 हजार रुपये की मांग कर रहा है। उन्होंने कहा कि रिश्वत दिए बिना उनका काम नहीं किया जा रहा। शिकायत सुनते ही मंत्री ने मामले को गंभीरता से लिया और फरियादी से संबंधित कर्मचारी को तुरंत फोन लगाने के लिए कहा। कमलेश पासवान ने मंत्री के सामने ही डाटा एंट्री ऑपरेटर को कॉल किया। बताया जा रहा है कि फोन उठाते ही कर्मचारी ने फिर से 50 हजार रुपये की मांग दोहरा दी। बातचीत सुनकर वहां मौजूद अधिकारी और अन्य लोग भी हैरान रह गए, इसी के बाद मंत्री ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी।
फोन पर रिश्वत मांगने की बात सामने आने के बाद मंत्री लखेंद्र पासवान ने सीतामढ़ी के जिला कल्याण पदाधिकारी (डीडब्ल्यूओ) से बात की। उन्होंने पूछा कि चंदन कुमार कौन है, अधिकारी ने बताया कि वह विभाग में डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर कार्यरत है। इसके बाद मंत्री ने कहा कि एससी-एसटी केस संख्या 129/26 में अनुदान राशि दिलाने के नाम पर रिश्वत मांगी जा रही है। मंत्री ने जिला कल्याण पदाधिकारी को साफ शब्दों में कहा कि एक घंटे के भीतर आरोपी कर्मचारी को निलंबित कर कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। मंत्री लखींद्र पासवान ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार भ्रष्टाचार के मामलों में 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर काम कर रही है। किसी भी कर्मचारी या अधिकारी द्वारा रिश्वत मांगने की शिकायत को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषी पाए जाने पर विभागीय और कानूनी कार्रवाई तय है।
मंत्री के सामने ही रिश्वत मांगने का मामला सामने आने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने फरियादी को भरोसा दिलाया कि यदि वह योजना का पात्र लाभुक है तो उसे बिना किसी बाधा के नियमानुसार अनुदान राशि उपलब्ध कराई जाएगी।


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