डॉ अनुज प्रभात का कथा - लघुकथा संग्रह 'समय का चक्र' का हुआ लोकार्पण
- by Manjesh Kumar
- 16-Jun-2026
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अररिया: इन्द्र धनुष साहित्य परिषद् के तत्वावधान में स्थानीय द्विजदेनी स्कूल के प्रांगण में सोमवार को जाने- माने लेखक, कवि व साहित्यकार डॉ अनुज प्रभात की सद्य प्रकाशित पुस्तक कथा - लघुकथा संग्रह 'समय का चक्र' का लोकार्पण इस कार्यक्रम में उपस्थित साहित्यकारों, कवियों तथा गणमान्य लोगों द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। इस अवसर पर अपनी इस पुस्तक के बारे में डॉ अनुज प्रभात ने कहा कि 'समय का चक्र' मेरी नवीनतम कृति है। इस पुस्तक में कथा तथा लघुकथा, दोनों विधाओं की रचनाओं को शामिल किया गया है। इस पुस्तक में शामिल रचनाएं जीवन के विविध रंगों, मानवीय संबंधों, सामाजिक यथार्थ और समय की विडंबनाओं को स्पर्श करती हुई पाठकों के मन तक पहुंचने का प्रयास करेगी। इस पुस्तक का अवलोकन करते हुए 'संवदिया' के प्रधान संपादक मांगन मिश्र मार्तंड, वरिष्ठ बाल साहित्यकार हेमंत यादव, रिटायर्ड बीईओ प्रमोद कुमार झा, रिटायर्ड शिक्षक सुरेन्द्र प्रसाद मंडल, समाजसेवी अजात शत्रु अग्रवाल, अरविंद ठाकुर, रिटायर्ड दूरसंचार एसडीओ सुमन सिंह, समाजसेवी रमेश सिंह, कवि प्रभाष कुमार बहरदार तथा इंद्रधनुष साहित्य परिषद् के संस्थापक बिनोद कुमार तिवारी ने कहा कि डॉ अनुज प्रभात जो भी लिखते हैं, एकदम बेबाक और निष्पक्ष भाव से लिखते हैं, जो एक अच्छे और ईमानदार लेखक की पहचान होती है।
डॉ अनुज प्रभात की यह पुस्तक करीब 36 कथाएं तथा लघुकथाएं समेटे समाज को दर्पण दिखाती, कहीं प्रेरणा देती तो कहीं बहुत कुछ सोचने पर भी विवश करती है। इन्होंने आम पाठकों के लिए एक अलग तरह की रचनाएं पेश की है। इसमें शामिल रचनाओं की भाषा सरल और सहज है। विश्वास है कि यह संग्रह भी पाठकों को बहुत पसंद आएगा। डॉ अनुज प्रभात की पहले भी कई पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। जिनमें आधे अधूरे स्वप्न, नील पाखी, बूढ़ी आंखों का दर्द, किसी गांव में कितनी बार कब तक, समय के क्षितिज पर, मैं मेरी मौत की तारीफ चाहता हूं, अपने समय के साक्ष्य प्रमुख हैं। इन्हें देश भर की दर्जनों साहित्यिक संस्थानों द्वारा सम्मान प्राप्त हो चुका है। इनकी लघुकथा 'तीसरी पीढ़ी' पर लघु फिल्म भी बन चुकी है। वक्ताओं ने शुभकामनाएं देते हुए कहा कि डॉ अनुज प्रभात के इस संग्रह को भी खूब लोकप्रियता मिले, पाठकों, समालोचकों का स्नेह मिले, यही हम सबकी शुभकामनाएं हैं।


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