विक्रमशिला सेतु पर सियासत तेज, मंत्री ने प्राकृतिक तो सांसद ने बताया विभागीय लापरवाही
- by Manjesh Kumar
- 19-Aug-2026
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भागलपुर: पूर्वी बिहार की लाइफलाइन कहे जाने वाले भागलपुर के विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद वाहनों की आवाजाही के लिए बेली ब्रिज का निर्माण कराया गया था। अब 29 अगस्त से बेली ब्रिज हटाकर विक्रमशिला सेतु के सब-स्ट्रक्चर और सुपर-स्ट्रक्चर का काम शुरू करने की तैयारी है। सरकार ने 30 नवंबर तक सेतु को दोबारा सभी वाहनों के आवागमन के लिए तैयार करने का लक्ष्य रखा है। हालांकि, इस दौरान कई महत्वपूर्ण पर्व-त्योहार पड़ रहे हैं। वहीं गंगा का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में बेली ब्रिज हटाए जाने के बाद बाढ़ और त्योहारों के दौरान लोगों की परेशानी बढ़ने की आशंका है।
इसी बीच विक्रमशिला सेतु के पुनर्निर्माण को छठ पूजा के बाद शुरू कराने की मांग पर ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल ने कहा कि सेतु किसी ने गिराया नहीं है, यह प्राकृतिक घटना है। उन्होंने कहा कि अगर समय पर काम नहीं हुआ तो जनता और मीडिया सवाल उठाएंगे। मंत्री ने कहा कि दुर्गा पूजा, दीपावली, बकरीद और मुहर्रम जैसे पर्व आते-जाते रहेंगे और सरकार लोगों की सुविधा के लिए वैकल्पिक मार्ग पर भी विचार करेगी। वहीं, भागलपुर के जदयू सांसद अजय कुमार मंडल ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखकर त्योहारों के बाद बेली ब्रिज हटाकर सेतु की मरम्मत का काम शुरू कराने का आग्रह किया है।
सांसद अजय मंडल ने दावा किया कि सेतु के क्षतिग्रस्त होने से करीब आठ महीने पहले ही उन्होंने पथ निर्माण विभाग को पत्र लिखकर पुल की खराब स्थिति की जानकारी दी थी। उन्होंने कहा कि सेतु को लेकर तकनीकी रिपोर्ट भी तैयार कराई गई थी और विभाग को इसके लिए राशि भी उपलब्ध कराई गई थी, लेकिन समय रहते उसका उपयोग नहीं किया गया। सांसद ने आरोप लगाया कि सेतु के कार्बन प्लेट नहीं बदले गए और एक्सपेंशन ज्वाइंट की भी जांच नहीं कराई गई। उन्होंने कहा कि कागजों पर राशि खर्च दिखा दी गई, लेकिन जमीनी स्तर पर काम नहीं हुआ। उनके मुताबिक विक्रमशिला सेतु का गिरना प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि विभागीय लापरवाही की वजह से आई आपदा है।
अजय मंडल ने कहा कि सावन के बाद काली पूजा, दुर्गा पूजा, दीपावली और छठ महापर्व जैसे महत्वपूर्ण त्योहार हैं। ऐसे समय में बेली ब्रिज हटाने से पूर्वांचल और सीमांचल के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।


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