विधानसभा मानसून सत्र के अंतिम दिन भी हंगामे की भेंट चढ़ गई सदन की कार्यवाही, महज 5 मिनट में ही करना पड़ा स्थगित

पटना: बिहार विधानमंडल के पांच दिवसीय मानसून सत्र का आज अंतिम दिन भी हंगामेदार होता दिख रहा है। प्रथम पाली में विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही महज पांच मिनट में ही सदन स्थगित करना पड़ा। सदन की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। दरअसल विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही राजद विधायक आलोक मेहता ने सवाल उठाया और सरकार पर हमला करते हुए कहा कि आंदोलन कर रहे छात्रों पर अब फायरिंग की जा रही है, यह गलत है। राजद विधायक के इतना कहने के बाद एनडीए के विधायकों ने कहा कि प्रदर्शनकारी हमलोगों पर जानलेवा हमला कर रहे हैं। यह लोग छात्र नहीं हो सकता है। प्रदर्शन के दौरान सरेआम गुंडागर्दी की जा रही है। पत्रकारों और पुलिस को पीटा जा रहा है। सदन को सर्वसम्मति से निंदा प्रस्ताव पारित करना चाहिए। इसके बाद विपक्ष के विधायकों ने हंगामा करना शुरू कर दिया जिसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सदन को 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।

बता दें कि दिल्ली के बाद बिहार के विभिन्न जिलों में शुरू हुए प्रदर्शन को देखते हुए विधानसभा के आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। केंद्रीय बलों की तैनाती की गई है। छात्रों के प्रदर्शन की वजह से पक्ष और विपक्ष के कई विधायक अपनी गाड़ी से झंडा हटा कर विधानसभा पहुंचे हैं। वहीं इस बीच सत्ता पक्ष की तरफ से मंत्री श्रवण कुमार ने विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के अब तक अनुपस्थिति को भी मुद्दा बनाया और हमला किया। उधर विधान परिषद से नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी भी चारों दिन अनुपस्थित रही हैं।

  

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