शौर्य पुरस्कार एवं विशिष्ट सेवा पदक प्राप्त करने वाले जवान और पुलिसकर्मी समाज के लिए प्रेरणास्रोत- राज्यपाल
- by Manjesh Kumar
- 15-Sep-2026
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पटना: राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सय्यद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) ने बिहार लोक भवन, पटना में आयोजित ‘सम्मान समारोह’ में बिहार के उन भारतीय सेना के अधिकारियों एवं जवानों को सम्मानित किया, जिन्हें राष्ट्रपति द्वारा वीरता एवं अदम्य साहस के लिए शौर्य पुरस्कार प्रदान किए गए हैं। उन्होंने बिहार के उन पुलिस अधिकारियों एवं कर्मियों को भी सम्मानित किया, जिन्हें उत्कृष्ट एवं सराहनीय सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से अलंकृत किया गया है। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि सेना और पुलिस के वीर जवानों के प्रति पूरा देश आभारी है। उनके साहस, समर्पण और देश की सुरक्षा के लिए किए गए योगदान को सम्मानित करना गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि कोई पुरस्कार भले ही सेवा के किसी एक खास क्षण में किए गए असाधारण कार्य की पहचान हो, लेकिन पुरस्कार पाने वाले व्यक्ति का पूरा जीवन समाज के लिए एक उदाहरण बन जाता है। राज्यपाल ने कहा कि सम्मान मिलने के बाद जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। समाज और खासकर युवा ऐसे लोगों को आदर्श के रूप में देखते हैं। उनका अनुशासन, आचरण और देशसेवा की भावना दूसरों को प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि सेना और पुलिस की सेवा केवल नौकरी नहीं, बल्कि 24 घंटे और 365 दिन देश के प्रति समर्पण की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि हर वीर जवान और पुलिसकर्मी की सफलता के पीछे उसके परिवार का भी बड़ा त्याग और सहयोग होता है। देश की सुरक्षा के लिए कठिन परिस्थितियों में तैनात जवानों के परिवार भी लंबे समय तक उनसे दूर रहकर उनका साथ देते हैं। इसलिए किसी भी सम्मान के पीछे परिवार के योगदान को भी याद रखना चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि बिहार ने हमेशा देश को वीर जवान और उत्कृष्ट पुलिसकर्मी दिए हैं। ये सभी बिहार और देश के गौरव हैं। उन्होंने सम्मानित सैन्य एवं पुलिसकर्मियों से कहा कि वे समाज और विशेष रूप से युवाओं के लिए प्रेरणा और आदर्श बने रहें। कार्यक्रम को पूर्व जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, ईस्टर्न कमांड, लेफ्टिनेंट जनरल राम चंदर तिवारी (सेवानिवृत्त), पूर्व डिप्टी चीफ ऑफ एयर स्टाफ एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती (सेवानिवृत्त) एवं पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने भी संबोधित किया।
इस अवसर पर राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह, भारतीय सशस्त्र सेनाओं एवं बिहार पुलिस के अधिकारीगण, एनसीसी के कैडेट्स, राज्यपाल सचिवालय के पदाधिकारीगण एवं कर्मीगण तथा अन्य लोग उपस्थित थे।


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