मखाना से लेकर रोजगार और विष्णुपद मंदिर कॉरिडोर तक, सम्राट कैबिनेट ने 17 एजेंडों पर लगाई मुहर

पटना: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने कैबिनेट के मंत्रियों के साथ बैठक जिसमें कुल 17 एजेंडों पर मुहर लगाई गई। कैबिनेट की बैठक में मखाना विकास, बागबानी, मेडिकल कॉलेज, हवाई संपर्कता, बाढ़ सुरक्षा समेत कई अन्य मुद्दों पर सहमति बनी। सम्राट कैबिनेट ने मखाना विकास योजना के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु कुल 89.80 करोड़ रुपए की मंजूरी दी। इसके साथ ही राज्य के पांच सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सहायक प्राध्यापक के 366 पदों पर संविदा के आधार पर नियुक्ति की सहमति बनी।

सम्राट कैबिनेट की बैठक में गया जी के विष्णुपद मंदिर क्षेत्र के विकास के लिए 2,520 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इसे काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित करने की योजना है। मंदिर परिसर, घाट, मल्टीलेवल पार्किंग, एलीवेटेड पथ, डोरमेट्री, कैंटीन और पैदल पुल समेत कई सुविधाएं विकसित होंगी। इसके साथ ही 996 करोड़ रुपये की सोन-फल्गु नदी जोड़ योजना को भी मंजूरी दी गई है। दोनों परियोजनाओं पर कुल करीब 3,516 करोड़ रुपये खर्च होंगे। ईंट-भट्ठों के बकाया भुगतान के लिए वन टाइम सेटलमेंट योजना को मंजूरी दी गई है। यह योजना तीन महीने तक लागू रहेगी। इसमें ईंट सत्र 2024-25 तक के बकाये में ब्याज की राशि छोड़कर मूल बकाया जमा करने का विकल्प मिलेगा। इससे कारोबारियों को राहत मिलेगी और सरकार को भी बकाया राजस्व तेजी से मिल सकेगा।

कैबिनेट की बैठक में बिहार जलस्रोत पुनर्स्थापन एवं गाद प्रबंधन नीति, 2026 को मंजूरी दी है। नदियों, बराज और जलाशयों में जमा गाद हटाने पर जोर होगा. निकाली गई गाद का इस्तेमाल सड़क, रेलवे और दूसरी निर्माण परियोजनाओं में मिट्टी भराई के लिए भी किया जा सकेगा।  Modified UDAN Scheme के तहत केंद्र, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण और बिहार सरकार के बीच MoU को मंजूरी मिली है। इससे छोटे शहरों में हवाई संपर्क बढ़ाने में मदद मिलेगी। आकांक्षी जिलों में हेलीपोर्ट विकसित करने की योजना भी है, इससे पर्यटन, व्यापार और रोजगार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। बिहार आकस्मिकता निधि से जल संसाधन विभाग को 1,000 करोड़ रुपये मिले हैं। इस राशि का इस्तेमाल बाढ़ सुरक्षा, सिंचाई और प्रगति यात्रा से जुड़े कार्यों में किया जाएगा। इसके अलावा बागवानी विकास मिशन के लिए भी करीब 78.34 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी मिली है। वहीं बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय में पैरावेट स्कूल के लिए छह स्थायी पद सृजित करने को भी स्वीकृति दी गई है।

  

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