संवाद से विचारों और नेतृत्व को नई दिशा मिलती है- राज्यपाल

पटना: राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सय्यद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) ने बिहार लोक भवन में आयोजित एनसीसी कैडेट्स के उन्मुखीकरण सेमिनार ‘संवाद’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रभावी संवाद जीवन, नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण का अत्यंत महत्वपूर्ण आधार है। संवाद केवल बोलने की कला नहीं, बल्कि दूसरों को समझने और अपने विचारों को प्रभावी ढंग से साझा करने की क्षमता है। इसकी निरंतरता से एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक ज्ञान, अनुभव और संस्थागत परंपराएँ आगे बढ़ती हैं। राज्यपाल ने ‘स्टोरीटेलिंग’ के महत्व पर बल देते हुए कहा कि भारत की समृद्ध ऐतिहासिक एवं सभ्यतागत विरासत को नई पीढ़ी और विश्व के सामने प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने की आवश्यकता है। उन्होंने नालंदा, राजगीर, पटना साहिब, संग्रहालयों, पुस्तकालयों और सांस्कृतिक विरासत को बिहार की महत्वपूर्ण ताकत बताया।

उन्होंने कहा कि आधुनिक युद्ध ‘हाइब्रिड वॉरफेयर’ का रूप ले चुका है, जिसमें साइबर, आर्थिक, मनोवैज्ञानिक और सूचना के आयाम शामिल हैं। फेक न्यूज और गलत सूचनाओं के प्रभाव को देखते हुए एनसीसी कैडेट्स को सूचना को परखने और तथ्यों की पुष्टि करने की क्षमता विकसित करनी चाहिए। उन्होंने युवाओं से जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिक के रूप में राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। राज्यपाल ने कहा कि नेतृत्व का अर्थ केवल आगे रहना नहीं, बल्कि टीम को प्रेरित करना, सही दिशा देना और लक्ष्य प्राप्ति सुनिश्चित करना है। उन्होंने राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता और असफलताओं से सीख लेकर निरंतर सुधार की भावना को सफलता के लिए आवश्यक बताया।

उद्योग एवं खेल मंत्री सुश्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि उद्यमिता की शुरुआत समस्याओं को पहचानकर उनके उपयोगी समाधान विकसित करने से होती है। उन्होंने युवाओं से नवाचार, टीमवर्क और निरंतर प्रयास के माध्यम से रोजगार सृजन तथा बिहार और राष्ट्र के विकास में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समृद्ध बिहार के बिना विकसित भारत का लक्ष्य पूर्ण नहीं हो सकता। कैडेट्स को संबोधित करते हुए लेफ्टिनेंट जनरल ए अरुण (सेवानिवृत्त) ने कहा कि सच्चे नेतृत्व की नींव सत्यनिष्ठा, टीम भावना, जिम्मेदारी, समर्पण, दृढ़ता और प्रभावी संवाद पर आधारित होती है। उन्होंने प्रेरक उदाहरण देते हुए कैडेट्स से असफलताओं से सीखने, अपने लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध रहने, स्पष्ट दूरदृष्टि विकसित करने, दूसरों की सफलता में सहयोग देने और सकारात्मक बदलाव का हिस्सा बनने का आह्वान किया। उन्होंने युवाओं से अपनी क्षमता पहचानकर मजबूत चरित्र एवं नेतृत्व गुण विकसित करने तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आग्रह किया।

इस अवसर पर राज्यपाल ने एनसीसी कैडेट्स के विभिन्न थीमों पर बनाये गए मॉडलस् का भी अवलोकन किया। कार्यक्रम में राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह, एनसीसी निदेशालय (बिहार और झारखंड) के अपर महानिदेशक मेजर जनरल रविन्द्र सिंह, सैन्य पदाधिकारीगण, एनसीसी कैडेट्स तथा राज्यपाल सचिवालय के पदाधिकारीगण, कर्मीगण व अन्य लोग उपस्थित थे।

  

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