मिडल ईस्ट में तनाव का असर पहुंचा बिहार, पेट्रोल - डीजल की कीमत में इतने रुपए की हुई बढ़ोतरी

पटना: मध्य पूर्वी एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच लगातार चल रहे तनाव का व्यापक असर अब भारत पर दिखने लगा है। इसका सबसे बड़ा असर हुआ है पेट्रोल और डीजल की कीमत पर। देश के अन्य राज्यों में डीजल पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद अब बिहार में भी इजाफा हो गया है। नई दरें शुक्रवार से राज्य में लागू हो गई हैं। नई दर के अनुसार अब पेट्रोल और डीजल की कीमत में 3-3 रुपए की बढ़ोतरी की गई है जिसके बाद राजधानी पटना में शुक्रवार को डीजल का मूल्य 91.65 रुपए से बढ़ कर 94.65 रुपए प्रति लीटर हो गया है जबकि पेट्रोल की कीमत 105.37 रुपए से बढ़ कर 108.67 रुपए प्रति लीटर हो गया है। नई दरें शुक्रवार से पूरे राज्य में लागू हो गई है।

पेट्रोल और डीजल की कीमत में बढ़ोतरी का असर अब सिर्फ गाड़ी वाले लोगों पर ही नहीं दिखेगा बल्कि आमलोगों के जेब पर भी पड़ेगा। पेट्रोल डीजल की कीमत में बढ़ोतरी को लेकर आम लोगों ने कहा कि हमने कभी सोचा भी नहीं था कि एक बार में इतना बढ़ जाएगा। इस बढ़ोतरी से आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। बता दें कि अमेरिका ईरान तनाव की वजह से पूरी दुनिया में तेल की कीमतों पर असर हुआ है। अन्तरराष्ट्रीय बाजार में पहले क्रूड ऑयल की कीमत 70 डॉलर प्रति बैरल थे जो अब बढ़ कर 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है। क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़ने से तेल कंपनियां दबाव में थी और अब इसकी भरपाई के लिए कीमत में बढ़ोतरी कर दी हैं। 

बता दें कि अभी पिछले रविवार को ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तेलंगाना में।आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूरे देश के लोगों से पेट्रोल डीजल के कम खपत करने की अपील की थी। उन्होने लोगों से अगले एक वर्ष तक विदेश दौरा और सोना नहीं खरीदने की भी अपील की थी। उन्होंने कहा था कि हमें विदेशों से पेट्रोलियम उत्पाद कम से कम और जरूरत के अनुसार ही आयात करना चाहिए ताकि संकट की घड़ी में हमारे पास पर्याप्त संसाधन उपलब्ध रहे। इसके साथ ही उन्होंने विदेशी मुद्रा भंडार पर भी कम दबाव बनाने की बात कही थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस अपील के बाद बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सहित देश के कई राज्यों के मुख्यमंत्री समेत अन्य मंत्री और आलाधिकारी ने अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या कम कर दी तथा बस, ट्रेन से चलने पर अधिक जोर दिया है। बिहार के मुख्यमंत्री और राज्यपाल ने भी अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या कम कर दी है।

  

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