पुलिस परामर्श केंद्र में टूटे रिश्ते को मिली नई जिंदगी, हंसते घर लौटे पति पत्नी
- by Manjesh Kumar
- 29-May-2026
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पूर्णिया: पुलिस परिवार परामर्श केंद्र में कल 16 मामलों की सुनवाई हुई जिसमें दो का निपटारा हुआ। इस दौरान स्थानीय मीनापुर बस्ती से जुड़ा एक गंभीर पारिवारिक विवाद का मामला आया काउंसिलिंग के बाद आखिरकार यह सुलझ गया। केंद्र के सदस्यों की सूझबूझ से एक मासूम बच्ची को उसके माता-पिता का प्यार और एक बिखरते परिवार को नया जीवन मिला है। पीड़िता ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि उसकी शादी को 4 साल हो चुके हैं। इन सालों में उसे ससुराल में कभी ठीक से खाना तक नसीब नहीं हुआ। शादी के बाद उसने एक बेटी को जन्म दिया जिसके बाद से प्रताड़ना और बढ़ गई। ससुराल पक्ष और पति द्वारा लगातार 1 लाख रुपये नकद और तीन भरी सोने की मांग की जा रही थी। मांग पूरी न होने पर महिला के साथ मारपीट की जाती थी।
महिला ने यह भी आरोप लगाया कि उसका पति बाहर कमाता है और वहां से 1,70,000 रुपये कमाकर लाया लेकिन उसने अपनी पत्नी और बच्ची को एक रुपया भी न देकर सारे पैसे अपने माता-पिता को सौंप दिए। हद तो तब हो गई, जब बेटी की जन्म की खबर सुनने के बाद भी न तो पति बाहर से आया और न ही ससुराल का कोई सदस्य बच्ची को देखने पहुंचा। प्रतिवादी पति ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे झूठ बताया। दोनों पक्षों में बढ़ते तनाव को देखते हुए परामर्श केंद्र के सदस्यों ने हस्तक्षेप किया। केंद्र द्वारा दोनों पक्षों को काफी समझाया-बुझाया गया और उनके बीच की गलतफहमियों को दूर किया गया। काफी काउंसलिंग के बाद दोनों पक्षों को अपनी गलती का अहसास हुआ। उन्होंने केंद्र को विश्वास दिलाया कि भविष्य में वे एक-दूसरे को शिकायत का कोई मौका नहीं देंगे। इसके बाद दोनों पति-पत्नी खुशी-खुशी केंद्र से अपने घर के लिए विदा हो गए। इन जटिल पारिवारिक मामलों को सुलझाने और बिखरते घरों को बचाने में केंद्र के सम्मानित सदस्य दिलीप कुमार, दीपक, रविंद्र शाह एवं महिला सिपाही सुमन कुमारी ने बेहद सराहनीय और अहम भूमिका निभाई।


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