सिर और हाथ पर पट्टी बांधकर संसद पहुंचे पूर्णिया के सांसद, पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच की मांग
- by Manjesh Kumar
- 28-Jul-2026
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नई दिल्ली: NEET पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों पर हुए पुलिस कार्रवाई के विरोध में पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव आज संसद परिसर में अलग अंदाज में पहुंचे। सिर और हाथ पर पट्टी तथा हाथ में लाठी लेकर संसद पहुंचे पप्पू यादव ने छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और पेपर लीक के मुद्दे पर केंद्र एवं बिहार सरकार को घेरते हुए कहा कि युवाओं की आवाज को बलपूर्वक दबाया जा रहा है। संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत में पप्पू यादव ने कहा कि यह लगातार दमन और अत्याचार है। बिहार पुलिस ने जिस तरह बच्चों और उनके परिवारों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। हमारे कई बच्चों ने आत्महत्या की, उनका भविष्य बर्बाद हो गया। सबसे पहले सरकार और प्रशासन को बच्चों से माफी मांगनी चाहिए। आखिर माफी क्यों नहीं मांगी जा रही है।
उन्होंने मांग की कि छात्रों पर बल प्रयोग करने वाले पुलिसकर्मियों की पहचान कर उन्हें तत्काल निलंबित किया जाए। पप्पू यादव ने कहा, "जिन पुलिसकर्मियों ने इस तरह की कार्रवाई की, उनकी पहचान कर उन्हें तत्काल निलंबित किया जाना चाहिए। जो लोग आतंकियों जैसी कार्रवाई कर रहे थे, उनकी भी पहचान होनी चाहिए और संबंधित एसटीएफ कर्मियों को निलंबित किया जाना चाहिए। सांसद ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा, "जो AK 47 और बुलेट गन कभी कश्मीर में इस्तेमाल होती थीं और बाद में जिनका उपयोग बंद कर दिया गया, उन्हें यहां किसके आदेश पर लाया गया? सिविल पुलिस ने हमारे बच्चों पर जिस तरह बल प्रयोग किया, उसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई की गई अपने बयान में पप्पू यादव ने कहा कि जो गोली कश्मीर में चलती थी, वही गोली सरकार बिहार में चलवा रही है, और आरोप लगाया कि छात्रों के लोकतांत्रिक आंदोलन को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है, लेकिन दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के बजाय आंदोलन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग किया गया।
सांसद ने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे पर सरकार को जवाबदेह होना चाहिए और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के साथ-साथ पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने दोहराया कि वे संसद से लेकर सड़क तक छात्रों के अधिकारों की लड़ाई लड़ते रहेंगे। सांसद पप्पू यादव लोकसभा में तख्ती लेकर गये थे और पूछा था कि क्या हमारे बच्चे आतंकवादी हैं? क्या हमारी बेटी अपराधी है? क्या अपने अधिकार की आवाज उठाना गलत है। अभी तक बिहार में 800 बच्चों को जेल भेज दिया गया है। आतंक का माहौल बना दिया गया है।


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