मुजफ्फरपुर डीएम का बड़ा एक्शन, सदर अस्पताल में औचक निरीक्षण के दौरान कई कर्मियों पर कर दी बड़ी कार्रवाई

मुजफ्फरपुर: जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, प्रभावी एवं जवाबदेह बनाने की दिशा में जिला प्रशासन लगातार सक्रिय है। अस्पतालों की आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने तथा आम नागरिकों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला पदाधिकारी कुमार गौरव द्वारा नियमित रूप से स्वास्थ्य संस्थानों का निरीक्षण एवं निगरानी की जा रही है। बता दें की इसी क्रम में शुक्रवार यानी 26 जून को जिलाधिकारी ने सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया, जहां स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था, चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति तथा मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का विस्तृत जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विभिन्न वार्डों, ओपीडी, आपातकालीन सेवा, पंजीकरण काउंटर सहित अस्पताल के अन्य महत्वपूर्ण विभागों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल में कार्यरत डॉक्टरों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की उपस्थिति का भी सत्यापन कराया। जांच के क्रम में सदर अस्पताल के अधीक्षक, अस्पताल प्रबंधक तथा महिला चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. मोनिका जायसवाल निर्धारित समय पर अपने कार्यस्थल पर उपस्थित नहीं पाए गए। बाद में उनके विलंब से अस्पताल पहुंचने की पुष्टि हुई। समय पर उपस्थित नहीं रहने को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित तीनों अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश दिया। साथ ही 26 जून का उनका वेतन स्थगित करने का भी आदेश दिया है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सरकारी सेवा में समय पालन एवं कार्य के प्रति जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिया कि मरीजों को सभी आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि अस्पताल आने वाले प्रत्येक मरीज के साथ संवेदनशील व्यवहार किया जाए तथा इलाज, जांच, दवा वितरण एवं अन्य स्वास्थ्य सेवाओं में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अस्पताल परिसर में स्वच्छता, चिकित्सकीय उपकरणों की उपलब्धता एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जाए। जिलाधिकारी कुमार गौरव ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने कार्यालय एवं कार्यस्थल पर निर्धारित समय पर उपस्थित रहें तथा सरकार द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप अपने-अपने दायित्वों का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं पूरी जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करें। 

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में अनुशासन, पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ऐसे औचक निरीक्षण आगे भी लगातार जारी रहेंगे। यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा लापरवाही, अनुपस्थिति अथवा कार्य में उदासीनता बरती जाती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। अस्पतालो के नियमित निरीक्षण एवं प्रभावी निगरानी से अस्पतालों की कार्यप्रणाली में सुधार आयेगा, कर्मचारियों में जवाबदेही बढ़ेगी तथा मरीजों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी।

मुजफ्फरपुर से रूपेश कुमार की रिपोर्ट

  

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