श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मेला की तैयारी जोरों पर, डीएम ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिए कई निर्देश

बेगूसराय: बेगूसराय में आगामी सितंबर 2026 को आयोजित होने वाले श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव एवं तेघड़ा में आयोजित होने वाले ऐतिहासिक श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव-2026 को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। इसी क्रम में जिला पदाधिकारी रिची पांडेय की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में विधि-व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन, मद्य निषेध, नागरिक सुविधाओं तथा आपदा प्रबंधन से संबंधित तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।

जिला पदाधिकारी ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव के दौरान जिले में शांति, सुरक्षा एवं आपसी भाईचारा हर हाल में बनाए रखा जाए। संवेदनशील एवं प्रमुख स्थलों, मंदिरों तथा मेला परिसरों में पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारियों एवं पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही पर्व के दौरान शांति एवं सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास करने वाले असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखते हुए आवश्यकतानुसार निरोधात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

जिला पदाधिकारी ने मद्य निषेध विभाग एवं पुलिस प्रशासन को अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, बिक्री एवं परिवहन के विरुद्ध संयुक्त रूप से सघन छापेमारी अभियान चलाने का निर्देश दिया। नगर निगम एवं नगर पंचायतों को मेला क्षेत्रों तथा प्रमुख मार्गों पर साफ-सफाई, शुद्ध पेयजल एवं समुचित प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए सुगम एवं व्यवस्थित यातायात प्रबंधन की भी समुचित व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया।

बता दें कि तेघड़ा प्रखंड में आयोजित होने वाला ऐतिहासिक श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव जिले के प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों में शामिल है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं दर्शक पहुंचते हैं। तेघड़ा जन्माष्टमी मेले में रात्रि के समय बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रभावी भीड़ प्रबंधन एवं आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त वैकल्पिक निकास मार्गों को चिन्हित करने का निर्देश दिया गया है। संपूर्ण मेला अवधि के दौरान विशेष रात्रि गश्ती के साथ-साथ दंडाधिकारियों एवं पुलिस बल की आवश्यक प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित की जाएगी। विद्युत सुरक्षा के दृष्टिकोण से मेला क्षेत्र एवं प्रमुख मार्गों पर झुके हुए बिजली के पोल एवं लटकते तारों को तत्काल दुरुस्त करने तथा निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए आवश्यक जनरेटर बैकअप की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। संबंधित विद्युत अभियंताओं को सुरक्षा मानकों की जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

मेला क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के लिए पूजा पंडालों, भीड़-भाड़ वाले मुख्य मार्गों तथा प्रमुख प्रवेश एवं निकास स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की व्यवस्था की जा रही है। मेला में बिछड़ने वाले बच्चों एवं अन्य व्यक्तियों को उनके परिजनों से सुरक्षित मिलाने के लिए मेला समिति के सहयोग से खोया-पाया नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाएगा। पूजा समितियों को पर्याप्त संख्या में स्वयंसेवकों की प्रतिनियुक्ति करते हुए उन्हें पहचान पत्र उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। अग्नि सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन के लिए सभी पूजा पंडालों एवं संवेदनशील स्थलों पर आवश्यक अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा चिन्हित स्थानों पर दमकल वाहनों की तैनाती की व्यवस्था की जाएगी।

यातायात एवं सड़क सुरक्षा के मद्देनजर राष्ट्रीय राजमार्ग एवं मेला संपर्क मार्गों पर यातायात नियंत्रण की विशेष व्यवस्था की जाएगी। भारी वाहनों की आवाजाही एवं गति को नियंत्रित करने के लिए आवश्यकतानुसार बैरिकेडिंग, रिफ्लेक्टर एवं ट्रैफिक पुलिस की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। स्वयंसेवकों के सहयोग से श्रद्धालुओं के आवागमन को भी व्यवस्थित किया जाएगा श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विभिन्न स्थलों पर अस्थायी शौचालय, शुद्ध पेयजल एवं पानी के टैंकरों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश नगर निकायों एवं संबंधित विभागों को दिया गया है। मेला क्षेत्र एवं आसपास के इलाकों में नियमित साफ-सफाई एवं पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था बनाए रखने के भी निर्देश दिए गए हैं।जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना आवश्यक अनुज्ञप्ति के मेला अथवा अन्य आयोजन की अनुमति नहीं होगी तथा सुरक्षा मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। असामाजिक एवं उपद्रवी तत्वों के विरुद्ध समय रहते निरोधात्मक कार्रवाई की जा रही है। मूर्तियों का विसर्जन भी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पुलिस की निगरानी में निर्धारित व्यवस्था के अनुसार कराया जाएगा।

जिला पदाधिकारी ने सभी पदाधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए अपने-अपने दायित्वों का गंभीरतापूर्वक निर्वहन करने का निर्देश दिया, ताकि श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव जिलेभर में शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हो सके।समीक्षा बैठक में नगर आयुक्त, नगर निगम बेगूसराय, सभी अनुमंडल पदाधिकारी, सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, सभी अंचल अधिकारी, सभी नगर कार्यपालक पदाधिकारी, सभी प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी, कार्यपालक दंडाधिकारी एवं अधीक्षक, मद्य निषेध सहित संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।

  

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