जल संसाधन विभाग के इस परियोजना पर RJD ने उठाया सवाल, कहा 'अधिकारियों की उदासीनता की वजह से...'

मुजफ्फरपुर: राज्य के जल संसाधन विभाग की महत्वपूर्ण परियोजना बेलवा–मीनापुर लिंक चैनल अब सवालों के घेरे में है। वर्षों से अधूरा पड़ा यह कार्य न केवल किसानों को नुकसान पहुंचा रहा है, बल्कि सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के बीच बड़े अंतर को भी उजागर कर रहा है। इस मामले को लेकर राजद नेता एवं RTI एक्टिविस्ट अमरेन्द्र कुमार ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि विभाग ने पूर्व में दिए गए परिवाद के जवाब में भ्रामक जानकारी दी थी। शिकायतकर्ता एक्टिविस्ट अमरेन्द्र कुमार के अनुसार, विभाग ने यह दावा किया था कि किसानों द्वारा नदी की जमीन पर अतिक्रमण किया गया है, जबकि जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है।

उन्होंने कहा कि संबंधित भूमि पर सरकार द्वारा अनापत्ति (NOC) पहले ही ली जा चुकी है, इसके बावजूद किसानों को दोषी ठहराकर कार्य पूर्ण करने की दिशा में कार्रवाई नहीं की जा रही और न ही वास्तविक स्थिति को सार्वजनिक किया जा रहा है। परिवादी अमरेन्द्र कुमार के द्वारा दर्ज परिवाद पत्र के दिए गए रिपोर्ट में 21% कार्य लंबित, 12 किमी में उड़ाही बाकी जानकारी के मुताबिक, 7 नवंबर 2023 से चल रहे जीर्णोद्धार कार्य में अब भी करीब 21% काम अधूरा है। लगभग 12 किलोमीटर क्षेत्र में उड़ाही (खुदाई/सफाई) का कार्य बाकी है, जिससे चैनल में पानी का प्रवाह शुरू नहीं हो पाया है। लाखों किसानों पर असर इस देरी का सीधा असर किसानों पर पड़ रहा है। चैनल में पानी नहीं होने के कारण दर्जनों उद्भव सिंचाई योजना के तहत लगाए गए स्टेट बोरिंग (नलकूप) बंद पड़े हैं। गौरतलब है कि एक-एक नलकूप पर लगभग 30 लाख रुपए खर्च किए गए हैं, लेकिन पानी के अभाव में ये पूरी तरह निष्क्रिय हैं।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि परिवाद के सुनवाई के दौरान लोकप्राधिकार जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता को आदेश दिया गया था कि अतिक्रमण करने वाले किसान का नाम पता सहित भूखंड का विवरण उपलब्ध कराए परंतु विभाग ने प्रभावित किसानों का पूरा विवरण (नाम, पता, रकबा, भूखंड) उपलब्ध नहीं कराया गया, केवल औपचारिकता निभाते हुए 09/01/2026 को एक अंतरिम आदेश जारी कर दिया गया, जबकि वास्तविक समस्या जस की तस बनी हुई है। इस पूरे मामले को लेकर अब अमरेन्द्र कुमार ने प्रधान सचिव, जल संसाधन विभाग के समक्ष अपील दायर कर दी है। उन्होंने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और परिवाद का ऋजु, न्यायपूर्ण एवं युक्तियुक्त निवारण किया जाए।

मुजफ्फरपुर से रूपेश कुमार की रिपोर्ट

  

Related Articles

Post a comment