ICAR के सचिव और कृषि विभाग के प्रधान सचिव ने किया कृषि अनुसंधान परिसर का दौरा

पटना: शनिवार को आईसीएआर के सचिव सह डेयरी के अपर सचिव ज्ञानेंद्र देव त्रिपाठी तथा कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पूर्वी अनुसंधान परिसर का दौरा किया। दोनों अतिथियों ने संस्थान की अनुसंधान, प्रौद्योगिकी विकास एवं प्रक्षेत्र आधारित गतिविधियों का अवलोकन किया। दौरे का उद्देश्य राष्ट्रीय प्राथमिकताओं एवं विकसित भारत @2047 के अनुरूप विज्ञान-आधारित, मांग-आधारित एवं किसान-केंद्रित कृषि अनुसंधान तथा प्रौद्योगिकी प्रसार को सुदृढ़ करना था। ज्ञानेंद्र देव त्रिपाठी त्रिपाठी ने प्राकृतिक खेती, मोटे अनाज आधारित फसल प्रणालियों, विविधीकृत पोषण वाटिका, सौर ऊर्जा आधारित कृषि मशीनीकरण, स्मार्ट जल प्रबंधन तथा जलवायु-अनुकूल किस्मों से संबंधित कार्यों की समीक्षा की। रेनआउट शेल्टर, ओपन टॉप चैंबर्स तथा एक एवं दो एकड़ के समेकित कृषि प्रणाली मॉडल का भी अवलोकन किया गया। पशुधन प्रक्षेत्र में ब्लैक बंगाल बकरी एवं मुर्रा भैंस के आनुवंशिक सुधार संबंधी गतिविधियों की जानकारी ली गई। दोनों अतिथियों ने संस्थान परिसर में पौधारोपण भी किया।

इस अवसर पर संस्थान की प्रौद्योगिकियों एवं किसान-केंद्रित नवाचारों पर आधारित प्रदर्शनी आयोजित की गई। सफल किसानों ने समेकित कृषि, सब्जी उत्पादन, बकरी एवं मछली पालन से आय बढ़ाने के अनुभव साझा किए। त्रिपाठी ने परिणामोन्मुखी एवं प्रक्षेत्र-प्रासंगिक अनुसंधान तथा वैज्ञानिकों और किसानों के बीच मजबूत संपर्क पर जोर दिया। उन्होंने प्रौद्योगिकी के त्वरित प्रसार एवं राज्य सरकारों के साथ बेहतर समन्वय की आवश्यकता बताई। नर्मदेश्वर लाल ने जलवायु-अनुकूल एवं किसान-केंद्रित प्रौद्योगिकियों के व्यापक प्रसार के लिए संस्थान और राज्य कृषि विभाग के बीच सहयोग मजबूत करने पर बल दिया। डॉ अनुप दास ने संस्थान के प्रमुख अनुसंधान कार्यक्रमों, जलवायु-अनुकूल कृषि, कृषिवानिकी, कृषि मशीनीकरण एवं समेकित कृषि प्रणालियों में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। कार्यक्रम में एक प्रकाशन का विमोचन किया गया तथा वैज्ञानिकों, तकनीकी एवं प्रशासनिक कर्मियों एवं कृषि विज्ञान केंद्रों के साथ संवाद आयोजित हुआ। संवाद में अनुसंधान प्राथमिकताओं, निधियों के विवेकपूर्ण उपयोग, अनुसंधान एवं प्रसार के बेहतर समन्वय तथा राज्य कार्यक्रमों के साथ अभिसरण पर चर्चा हुई। गणमान्य अतिथियों ने किसान-अनुकूल प्रौद्योगिकियों के विकास एवं प्रसार के लिए संस्थान के प्रयासों की सराहना की।

  

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