छात्रों के आंदोलन का असर: घायल छात्राओं को मिला 1-1 लाख रुपए मुआवजा, विश्वविद्यालय ने रद्द की प्रैक्टिकल परीक्षा

शेखपुरा: रामाधीन महाविद्यालय की छात्राओं के सड़क हादसे के बाद छात्र संगठनों के उग्र आंदोलन का असर देखने को मिला। छात्र नेता आकाश कश्यप के नेतृत्व में एबीवीपी, राजद और जदयू छात्र संघ के कार्यकर्ताओं ने कॉलेज में तालाबंदी कर मुंगेर विश्वविद्यालय के खिलाफ प्रदर्शन किया। छात्रों की प्रमुख मांग थी कि शेखपुरा के सभी कॉलेजों का प्रैक्टिकल परीक्षा केंद्र रामाधीन महाविद्यालय बनाया जाए, ताकि विद्यार्थियों को सिकंदरा तक जोखिम भरी यात्रा न करनी पड़े। आंदोलन के दबाव में विश्वविद्यालय ने तत्काल प्रभाव से सभी प्रैक्टिकल परीक्षाएं रद्द कर दीं।

छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि शाम तक नया परीक्षा केंद्र घोषित नहीं किया गया तो बुधवार से अनिश्चितकालीन तालाबंदी की जाएगी। साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग पर अवैध टोटो (ई-रिक्शा) के परिचालन पर रोक लगाने की भी मांग उठाई। हादसे में गंभीर रूप से घायल दो छात्राएं पटना के निजी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती हैं। एबीवीपी जिला संयोजक निशांत राज के सहयोग से रक्त की व्यवस्था कराई गई। वहीं, रामाधीन महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डॉ. मोहम्मद शहाबुद्दीन ने दोनों छात्राओं के परिजनों को एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की। आंदोलन में एबीवीपी, राजद और जदयू छात्र संगठनों के बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल रहे।

  

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