इस दिन से भागलपुर के विक्रमशिला सेतु पर फिर बंद होगा वाहनों का परिचालन, त्यौहार के समय में बढ़ेगी लोगों की मुश्किलें

भागलपुर: भागलपुर की लाइफलाइन कहे जाने वाले विक्रमशिला सेतु पर 29 अगस्त से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद हो जाएगी। पहले पुल को 1 सितंबर से बंद करने की तैयारी थी, लेकिन मरम्मत का काम समय पर पूरा करने के लिए इसे तीन दिन पहले ही बंद करने का फैसला लिया गया है। पुल बंद होने के बाद नवगछिया समेत गंगा पार के इलाकों से भागलपुर आने-जाने वाले लोगों की परेशानी काफी बढ़ने वाली है। ऐसे में मुंगेर होकर लंबा सफर करना ही प्रमुख विकल्प बचेगा। विक्रमशिला सेतु की मरम्मत को लेकर पुल निर्माण निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं। हरियाणा के पंचकूला और पश्चिम बंगाल से सेतु के सुपर और सब-स्ट्रक्चर के हिस्से अगले सप्ताह भागलपुर पहुंचेंगे। वहीं 25 अगस्त को बीआरओ की विशेष टीम भी भागलपुर पहुंचेगी। क्षतिग्रस्त हिस्से के चारों स्ट्रक्चर को लॉन्च कर स्थापित किया जाएगा। इस पूरे काम की जिम्मेदारी एसपी सिंगला एजेंसी को दी गई है।

चुनौती सिर्फ पुल की मरम्मत पूरी करने की नहीं, बल्कि उन लाखों लोगों की है, जिनकी रोजमर्रा की जिंदगी इस पुल से जुड़ी हुई है। गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण नाव और मोटरबोट का परिचालन भी फिलहाल बंद है। ऐसे में 29 अगस्त के बाद मरीजों, छात्रों, नौकरीपेशा लोगों, कारोबारियों और रोज कमाने-खाने वाले लोगों को भागलपुर पहुंचने के लिए मुंगेर होकर लंबा सफर तय करना पड़ेगा। पुल बंद होने का असर सितंबर से नवंबर के बीच आने वाले त्योहारों पर भी पड़ सकता है। दुर्गा पूजा, दीपावली और छठ के दौरान बाजारों में खरीदारी बढ़ती है, लेकिन आवागमन प्रभावित होने से कारोबार पर असर पड़ने की आशंका है। भागलपुर और आसपास के इलाकों का केला कारोबार भी इसकी चपेट में आ सकता है। लंबा रास्ता तय करने से माल ढुलाई महंगी होगी, जिसका सीधा असर किसानों और कारोबारियों पर पड़ सकता है।

वहीं वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर जब प्रभारी मंत्री नीतीश मिश्रा से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि वे पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर शैलेंद्र से बात करेंगे और सरकार पूरे मामले को देख रही है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि विक्रमशिला सेतु की मरम्मत के दौरान सरकार जनता को राहत देने के लिए क्या वैकल्पिक व्यवस्था करती है और मरम्मत का काम कितनी तेजी से पूरा किया जाता है। गौरतलब है कि 3 मई की देर रात विक्रमशिला सेतु का करीब 34 मीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर गंगा में गिर गया था। इसके बाद बेली ब्रिज के जरिए केवल हल्के वाहनों की आवाजाही कराई जा रही थी। अब स्थायी मरम्मत के लिए पुल को पूरी तरह बंद किया जा रहा है। ऐसे में लोगों की नजर सरकार की वैकल्पिक व्यवस्था और मरम्मत कार्य की समय सीमा पर टिकी है।

  

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