बाढ़ प्रभावित इलाकों में नाव से पहुंचे तौकीर आलम, पीड़ितों ने बताई राहत व्यवस्था की हकीकत
- by Manjesh Kumar
- 12-Sep-2026
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डहरा और रानीचक में बाढ़ पीड़ितों से मिले कांग्रेस नेता, प्लास्टिक, शौचालय, पशुचारा और बिजली की समस्या सामने आई
कटिहार: बरारी विधानसभा क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति के बीच कांग्रेस नेता एवं बरारी विधानसभा से कांग्रेस के प्रत्याशी तौकीर आलम का बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा लगातार जारी है। शनिवार को उन्होंने विशनपुर पंचायत के डहरा और रानीचक गांव पहुंचकर नाव से बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं जानीं। बाढ़ पीड़ितों ने बताया कि उन्हें सबसे अधिक जरूरत प्लास्टिक शीट की है, लेकिन अंचल प्रशासन की ओर से पर्याप्त प्लास्टिक उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। कई परिवारों ने बताया कि मजबूरी में उन्होंने खुद प्लास्टिक खरीदकर ऊंचे स्थानों और बांधों पर तंबू बनाकर रहना शुरू किया है। लोगों ने शौचालय और पशुओं के लिए चारे की कमी की समस्या भी बताई।
पीड़ितों ने शिविरों में बिजली व्यवस्था की समस्या भी उठाई। ग्रामीणों के अनुसार, कुछ शिविरों में जनरेटर की सुविधा नहीं है। बिजली कटने के बाद अंधेरे में जहरीले जंतुओं के निकलने का खतरा बना रहता है। डहरा गांव के बच्चों ने बताया कि राहत शिविर में भोजन भी समय पर नहीं मिलता। उनके अनुसार, रात का खाना कई बार रात 9 बजे तो कभी 11 बजे तक मिलता है। विशनपुर पंचायत के आठ वार्डों में बाढ़ का पानी फैलने से बड़ी संख्या में परिवार प्रभावित हैं। कई घर पूरी तरह पानी से घिरे हैं और लोगों के रहने के लिए बहुत कम ऊंची एवं सूखी जगह बची है। ऐसे में लोग बांध और अन्य ऊंचे स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हैं।
तौकीर आलम ने कहा कि बाढ़ की इस विपदा में सरकार को पूरी गंभीरता के साथ प्रभावित परिवारों की मदद करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्थिति अलग दिखाई दे रही है। कई शिविरों में बिजली, चापाकल और पशुचारे की समस्या है। कुछ जगहों पर मेडिकल कैंप तक की व्यवस्था नहीं होने की शिकायत सामने आई है। उन्होंने पर्याप्त नाव उपलब्ध नहीं होने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि बाढ़ के दौरान नाव ही लोगों के आवागमन का प्रमुख साधन है। ऐसे में स्कूली बच्चों को भी नाव से स्कूल आते-जाते देखना चिंता का विषय है। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्कूलों को फिलहाल बंद रखने की मांग की।
कांग्रेस नेता ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव के दौरान बिहार को बाढ़ मुक्त बनाने और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के दावे किए गए थे। आज बाढ़ की स्थिति में लोगों को मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान होना पड़ रहा है। उन्होंने सवाल किया कि क्या बाढ़ मुक्त बिहार का दावा सिर्फ चुनावी वादा बनकर रह गया है? हालांकि, बाढ़ जैसी आपदा में राहत एवं बचाव कार्यों के दौरान प्रशासन के सामने भी कई व्यावहारिक चुनौतियां रहती हैं। ऐसे में प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, चिकित्सा, बिजली, पशुचारा और सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था को लगातार मजबूत करना जरूरी है। मौके पर कांग्रेस के प्रखंड अध्यक्ष मो सलीम, विशनपुर पंचायत के उप मुखिया विनोद कुमार यादव, सरपंच नरेश यादव, गोपाल यादव, मो तस्लीम, सरताज आलम, दिलफराज आलम, मो तौफ़ील,सहित अन्य ग्रामीण मौजूद थे।


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