सड़क से बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे मंत्री-विधायक, ग्रामीणों ने घेरा काफिला
- by Manjesh Kumar
- 12-Sep-2026
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जलमग्न गांवों में नहीं पहुंचने पर फूटा पीड़ितों का आक्रोश, पॉलीथिन, सामुदायिक रसोई, चारा और पेयजल की मांग; सीओ के आश्वासन के बाद शांत हुए ग्रामीण
कटिहार: प्रखंड क्षेत्र में बाढ़ की गंभीर स्थिति के बीच शनिवार को राहत व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश उस समय सामने आ गया, जब बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लेने पहुंचे कटिहार जिला प्रभारी मंत्री प्रमोद कुमार चंद्रवंशी और स्थानीय विधायक विजय सिंह निषाद को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों का आरोप था कि जलमग्न गांवों में जाकर पीड़ितों की वास्तविक स्थिति देखने के बजाय मंत्री और विधायक भवानीपुर-कुंडी मुख्य सड़क से ही बाढ़ का जायजा लेकर लौट रहे थे। मंत्री और विधायक के सड़क मार्ग से लौटने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। आक्रोशित ग्रामीणों ने काफिले को घेर लिया और राहत व्यवस्था को लेकर अपनी नाराजगी जताई। इस दौरान सांसद तारिक अनवर के खिलाफ भी नारेबाजी की गई। विरोध बढ़ता देख जनप्रतिनिधियों का काफिला मुख्य सड़क से हटकर तटबंध के रास्ते काढ़ागोला की ओर निकल गया।
प्रदर्शन कर रहे पंकज राम, कृष्णा कुमार, शिव कुमार, गीता देवी और जिम्मी देवी समेत अन्य ग्रामीणों ने कहा कि कई गांव और टोले अब भी बाढ़ के पानी से घिरे हैं। बड़ी संख्या में परिवार ऊंचे स्थानों और तटबंधों पर शरण लेने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि जरूरतमंद परिवारों को अब तक पर्याप्त पॉलीथिन शीट उपलब्ध नहीं कराई गई है। ग्रामीणों ने बताया कि मोहना चांदपुर पंचायत के वार्ड 17 में शनिवार तक सामुदायिक रसोई शुरू नहीं हुई थी, जबकि वार्ड 5 में ग्रामीणों के विरोध के बाद सामुदायिक रसोई शुरू कराई गई। लोगों ने बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए भोजन के साथ-साथ मवेशियों के लिए चारा, स्वच्छ पेयजल, शौचालय और आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की।
ग्रामीणों का कहना था कि लंबे समय से जलजमाव के कारण गंदगी और बीमारी फैलने का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं और साफ-सफाई पर भी तत्काल ध्यान देने की जरूरत है। हंगामे की सूचना मिलने पर सीओ राजस्व कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने प्रभावित इलाकों में सामुदायिक रसोई, पॉलीथिन शीट और पेयजल टैंकर की व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया। अधिकारियों के आश्वासन के बाद ग्रामीण शांत हुए। इस दौरान डीएम आशुतोष द्विवेदी, भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज राय, जदयू प्रखंड अध्यक्ष सह बीस सूत्री अध्यक्ष मनोज सिंह कुशवाहा, जदयू नेता चंद्रमोहन सिंह, जदयू प्रदेश नेता अरविंद भगत, मुखिया प्रतिनिधि निधि ठाकुर और पंचायत समिति सदस्य प्रतिनिधि गया राम समेत अन्य जनप्रतिनिधि एवं पदाधिकारी मौजूद थे।
ग्रामीणों के विरोध ने बाढ़ राहत व्यवस्था को लेकर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के सामने जमीनी स्तर की चुनौतियों को एक बार फिर सामने ला दिया है। अब देखना होगा कि प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री, भोजन, पेयजल और अन्य जरूरी सुविधाएं कितनी जल्दी और कितनी प्रभावी तरीके से उपलब्ध कराई जाती हैं।


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