पूर्णिया एयरपोर्ट के नए टर्मिनल निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी, बनेंगे 3 एयरोब्रिज साथ ही...
- by Manjesh Kumar
- 28-Jul-2026
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पूर्णिया: पूर्णिया एयरपोर्ट से विमान संचालन शुरू होना कोसी सीमांचल इलाके के लिए एक बड़ी उपलब्धि के रूप में सामने आई। इसके बाद इलाके के लोगों को कहीं भी जाने के लिए पटना या बागडोगरा हवाई अड्डा जाने से मुक्ति मिल गई जो कि एक बहुत बड़ी सहूलियत के रूप में सामने आई। पूर्णिया एयरपोर्ट शुरू होने के बाद भी यहां लगातार विकास कार्य जारी है। अब एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने लगभग 294 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले नए टर्मिनल भवन के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रस्तावित टर्मिनल लगभग 20,250 वर्ग मीटर इलाके में दो मंजिला बनाया जाएगा और इसमें यात्रियों को वर्ल्ड लेवल सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।
पूर्णिया एयरपोर्ट निदेशक के अनुसार, नए टर्मिनल में 3 एयरोब्रिज, 16 चेक इन काउंटर, आधुनिक पार्किंग, बेहतर सुरक्षा व्यवस्था और यात्रियों की सुविधा के लिए अन्य कई अत्याधुनिक व्यवस्थाएं की जाएंगी। एयरपोर्ट पर डिपार्चर प्रथम तल से एयरोब्रिज के माध्यम से व्यवस्था की जा रही है, जबकि एप्रन तैयार होने के बाद एक साथ 5 विमान खड़े किए जा सकेंगे। इस तरह से जहां कुछ साल पहले तक पूर्णिया और सीमांचल के लोगों के लिए हवाई यात्रा करना किसी चुनौती से कम नहीं था। फ्लाइट पकड़ने के लिए पटना या बागडोगरा जाना मजबूरी थी, लेकिन अब हालात तेजी से बदल रहे हैं। पोर्टा केबिन से शुरू हुआ पूर्णिया एयरपोर्ट का सफर अब एक आधुनिक और हाईटेक टर्मिनल की ओर बढ़ चुका है।
अधिकारियों ने दावा किया कि टर्मिनल भवन का निर्माण करीब डेढ़ साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद पूर्णिया से गुवाहाटी, मुंबई और बेंगलुरु जैसी नई उड़ानें शुरू करने की तैयारी हैm भविष्य में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की संभावना को भी ध्यान में रखकर एयरपोर्ट का विस्तार किया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने पहले फेज का टर्मिनल बिल्डिंग का टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी है। फिलहाल पूर्णिया एयरपोर्ट से दिल्ली, कोलकाता, हैदराबाद और अहमदाबाद के लिए नियमित उड़ानें संचालित हो रही हैं और यात्रियों की अच्छी मांग देखने को मिल रही है। नया टर्मिनल बनने के बाद सिर्फ पूर्णिया ही नहीं, बल्कि सीमांचल, कोसी, भागलपुर, खगड़िया, नेपाल और पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाकों के लाखों लोगों को तेज, सुविधाजनक और आधुनिक हवाई यात्रा का लाभ मिलेगा।


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