राजधानी पटना में उग्र प्रदर्शन के बाद अब पुलिस की कार्रवाई शुरू, 500 के विरुद्ध मामला दर्ज, 40 हिरासत में...

पटना: नीट पेपर लीक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर राजधानी पटना में बुधवार को उग्र प्रदर्शन मामले में अब पुलिस ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। पटना पुलिस ने तीन अलग अलग थाने कोतवाली, गांधी मैदान और सचिवालय थाना में 500 अज्ञात के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की है। इसके साथ भी पुलिस ने करीब 40 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है जिनसे देर रात तक पूछताछ चलती रही। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि प्रदर्शन के दौरान माहौल बिगाड़ने की साजिश किसकी थी। मामले को लेकर एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज, वीडियोग्राफी और इंटरनेट पर प्रसारित वीडियो के आधार पर प्रदर्शनकारियों की पहचान की जा रही है। पहचान के बाद सभी को गिरफ्तार किया जायेगा। पटना पुलिस ने गांधी मैदान कदमकुआं, बहादुरपुर, बोरिंग रोड और बुद्धा कॉलोनी समेत अन्य कई इलाकों में छापेमारी की।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रदर्शन में शामिल कई लोगों को पुलिस ने इलाकों से उठा लिया है। पुलिस सूत्र ने बताया कि इस पूरे प्रदर्शन के पीछे किन लोगों की साजिश है और कैसे प्लानिंग की गई। इन सभी के बारे में पुलिस जांच कर रही है। जांच के बाद पुलिस इस पूरे मामले के बारे में जानकारी देगी। वैसे यू-ट्यूबर और इंटरनेट मीडिया के कंटेट क्रिएटर के बारे में भी साइबर सेल द्वारा जांच की जा रही है। छात्रों की रणनीति और अचानक बढ़ते हुजूम के आगे पुलिस प्रशासन बेबस नजर आया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बल को लगभग छह घंटे तक छकाया।

प्रदर्शन के उग्र होने के साथ ही डाकबंगला और बेली रोड इलाके में जमकर पथराव हुआ। प्रदर्शनकारियों ने पटना आइजी की एस्कार्ट गाड़ी, सिटी मजिस्ट्रेट संजय कुमार की गाड़ी और कई थाना पुलिस के वाहनों में तोड़फोड़ की। हमले में भागलपुर से भाजपा विधायक रोहित पांडे की गाड़ी को पलटने का प्रयास किया गया। उनके साथ मारपीट की गई। भाजपा विधायक विनय बिहारी और पार्टी नेता अजय सिंह की गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए गए।

  

Related Articles

Post a comment