17 अगस्त से पेपरलेस होंगे बिहार के सभी निबंधन कार्यालय, होम रजिस्ट्रेशन के लिए उम्र सीमा 75 वर्ष, समीक्षा बैठक में...
- by Manjesh Kumar
- 11-Aug-2026
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मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के निबंधन कार्यों की सचिव ने की समीक्षा, प्रभावी क्रियान्वयन और राजस्व वृद्धि के लिए दिए कई महत्वपूर्ण निर्देश
पटना: मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के सचिव नवीन कुमार ने आज विभाग के वरीय पदाधिकारियों एवं प्रमंडलीय पदाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से निबंधन, पक्ष के कार्यों की समीक्षा बैठक की। बैठक में निबंधन प्रक्रिया के डिजिटलीकरण, पेपरलेस निबंधन, वरिष्ठ नागरिकों के होम रजिस्ट्रेशन, राजस्व संग्रह एवं जन शिकायतों के त्वरित निष्पादन सहित विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं की समीक्षा की गई। निबंधन पक्ष की समीक्षा के दौरान सचिव ने सभी प्रमंडलीय सहायक निबंधन महानिरीक्षकों (AIG) को निबंधन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित, नागरिक-केंद्रित एवं तकनीक आधारित बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
75 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए होम रजिस्ट्रेशन
समीक्षा बैठक में सचिव ने निर्देशित करते हुए कहा कि मोबाइल रजिस्ट्रेशन यूनिट के माध्यम से पहले 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को यह सुविधा दी जा रही थी, जिसे अब 75 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों तक 05 अगस्त को विस्तारित किया गया है। इसके तहत पात्र वरिष्ठ नागरिकों को भूमि, प्लॉट एवं फ्लैट आदि के निबंधन की सुविधा घर पर उपलब्ध करवाई जाए।
पेपरलेस निबंधन
सचिव ने कहा कि दस्तावेजों के निबंधन की प्रक्रिया को पूर्णतः पेपरलेस बनाने से पारदर्शिता, दस्तावेजों की सुरक्षा तथा निबंधन प्रक्रिया में लगने वाले समय की बचत होगी। बिहार के कुल 141 निबंधन कार्यालयों में पेपरलेस निबंधन की सुविधा चरणबद्ध तरीके से लागू की जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में 10 निबंधन कार्यालयों में 11 जुलाई से पेपरलेस निबंधन शुरू किया गया है। द्वितीय चरण में 40 निबंधन कार्यालयों में 30 जुलाई से यह सुविधा प्रारंभ की गई है। शेष निबंधन कार्यालयों में भी 17 अगस्त से पेपरलेस निबंधन प्रक्रिया पूर्ण रूप से लागू किए जाने का लक्ष्य है। सचिव ने जिन जिलों में पेपरलेस निबंधन की संख्या अपेक्षित स्तर से कम पाई गई है, वहां संबंधित जिलाधिकारी को पत्र भेजकर पेपरलेस निबंधन में तेजी लाने का निर्देश देने को कहा। पेपरलेस निबंधन लागू किए जा चुके कार्यालयों में निबंधित दस्तावेजों की संख्या एवं राजस्व प्राप्ति की भी समीक्षा की गई। संतोषजनक प्रगति नहीं पाए जाने पर संबंधित पदाधिकारियों को स्पष्टीकरण जारी करने का निर्देश दिया गया।
पब्लिक ग्रीवेंस मॉड्यूल लागू करने का निर्देश
सचिव ने कहा कि आम नागरिकों से प्राप्त शिकायतों को वर्तमान में कई मामलों में भौतिक रूप से दर्ज कराया जा रहा है। इसे और अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने के लिए पब्लिक ग्रीवेंस मॉड्यूल को लागू किया जाए। इस व्यवस्था के तहत नागरिकों की शिकायतें ऑनलाइन प्राप्त होंगी तथा शिकायतों की जांच, कार्रवाई एवं निष्पादन की प्रक्रिया भी ऑनलाइन माध्यम से की जाएगी। इससे शिकायतों के त्वरित एवं पारदर्शी निष्पादन में सहायता मिलेगी।
स्थल निरीक्षण
राजस्व संग्रह को बढ़ाने तथा राजस्व चोरी पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से सभी AIG को नियमित स्थल निबंधन कार्यालय का निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया। सचिव ने निर्देश दिया कि प्रत्येक AIG द्वारा प्रत्येक सप्ताह 10 निबंधन कार्यालयों स्थल निरीक्षण किए जाएं तथा निरीक्षण के बाद इसकी रिपोर्ट मुख्यालय को उपलब्ध कराई जाए। स्थल निरीक्षण निबंधन के पश्चात किया जाएगा और किन दस्तावेजों का स्थल निरीक्षण किया जाना है, इसका निर्धारण मुख्यालय स्तर से किया जाएगा। निर्देश के अनुसार प्रत्येक सप्ताह संबंधित प्रमंडलीय मुख्यालय के अंतर्गत 5 स्थल, AIG के अधीन जिला निबंधन कार्यालयों में से 3 निबंधन कार्यालय स्थल तथा अधीनस्थ मुफस्सिल कार्यालयों में से 2 स्थल, कुल 10 स्थलों का निरीक्षण किया जाएगा।
GIS तकनीक के माध्यम से स्थल निरीक्षण
सचिव ने पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुरूप GIS तकनीक के माध्यम से स्थल निरीक्षण की कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा इससे संबंधित पत्र सभी जिला निबंधन कार्यालयों को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
राजस्व चोरी पर सख्ती
राजस्व चोरी की रोकथाम के लिए सचिव ने मुख्यालय स्तर पर भी टीम गठित कर निबंधन कार्यालयों में भेजने एवं स्थल निरीक्षण कराने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजस्व हितों की सुरक्षा के लिए नियमों के उल्लंघन एवं राजस्व चोरी के मामलों में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
नीलामवाद से संबंधित मामलों में त्वरित वसूली
नीलामवाद से संबंधित मामलों में लंबित वसूली की कार्रवाई को तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया गया। बड़े मामलों पर विशेष प्राथमिकता के साथ कार्रवाई करने तथा छोटे मामलों का भी नियमानुसार शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा गया।>
न्यायालयी मामलों की समीक्षा
बैठक में विभाग से संबंधित कोर्ट केसों की भी समीक्षा की गई। सचिव ने संबंधित पदाधिकारियों को न्यायालय में समय पर प्रभावी पक्ष रखने तथा सभी मामलों में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। फील्ड स्तर से दायर किए जाने वाले SOF (Statement of Facts) की विभागीय स्तर पर भी अनिवार्य रूप से समीक्षा करने को कहा गया।
सेवा प्रदाताओं को पेपरलेस निबंधन की प्रभावी मॉनिटरिंग का निर्देश
सचिव ने सेवा प्रदाताओं के लाइसेंस एवं उनके कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने सेवा प्रदाताओं को पेपरलेस निबंधन प्रक्रिया की सही तरीके से मॉनिटरिंग करने, तकनीकी अथवा प्रक्रियागत समस्याओं का शीघ्र समाधान करने तथा आम नागरिकों के बीच पेपरलेस निबंधन को लेकर फैल रही भ्रांतियों को दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया। इसके साथ ही सचिव ने सेवा प्रदाताओं को बैठने की उचित सुविधा प्रदान की जाने की योजना बनाने का प्रस्ताव दिया। सचिव द्वारा निर्देश दिया गया कि सेवा प्रदाताओं के माध्यम से पेपरलेस पद्धति से दस्तावेजों के निबंधन की प्रक्रिया में आम नागरिकों को आवश्यक सहयोग एवं सुविधा प्रदान की जाए। साथ ही, अनुज्ञप्ति निर्गत किये गए सेवा प्रदाता को दस्तावेज निबंधन में सुविधा प्रदान करने हेतु 1 लाख रूपये तक के मूल्य के दस्तावेजों पर 1000 रूपये, 1 लाख से ऊपर 5 लाख रूपये तक के मूल्य के दस्तावेजों पर 2,500 रूपये, 5 लाख रूपये मूल्य से ऊपर के दस्तावेजों पर 5,000 रूपये पारिश्रमिक दर निर्धारित किया गया है।


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