नर्सिंग छात्रों ने पटना की सड़कों पर किया जम कर हंगामा, पुलिस से हुई भिड़ंत, थानाध्यक्ष के जख्मी होने के बाद लाठीचार्ज
- by Manjesh Kumar
- 25-Aug-2026
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पटना: राजधानी पटना में इन दिनों कई अलग अलग मांगों को लेकर छात्र धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। मंगलवार को एक तरफ बीपीएससी टीआरई परीक्षा से संबंधित कई मांगें लेकर छात्र सड़क पर उतरे तो दूसरी तरफ नर्सिंग के छात्रों ने भी जम कर हंगामा किया। नर्सिंग के छात्रों के हंगामे ने हिंसक रूप ले लिया जिसके बाद पुलिस ने लाठी भी चटकाई। दरअसल अपनी मांगों को लेकर बिहार स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के बाहर जुटे 500 से अधिक नर्सिंग छात्रों ने जमकर हंगामा किया। छात्रों ने आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी परिसर में घुसकर तोड़फोड़ की और पुलिस पर पथराव कर दिया। पथराव में जक्कनपुर थानाध्यक्ष ऋतुराज समेत तीन पुलिसकर्मी घायल हो गये।
स्थिति नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। पुलिस ने चार छात्रों को हिरासत में लिया है। नर्सिंग के छात्र अपनी मांगों को लेकर आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी कैंपस में स्थित बिहार स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के सामने जुटे थे। छात्र विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश करना चाहते थे, लेकिन गेट पर रोक दिया गया। इसके बाद छात्र सड़क पर बैठकर प्रदर्शन करने लगे। भीड़ बढ़ने के बाद छात्रों ने दोबारा कैंपस में प्रवेश की कोशिश की। इस दौरान सुरक्षा गार्ड से छात्रों की तीखी बहस और धक्का-मुक्की हुई। आरोप है कि छात्रों ने गार्ड के साथ मारपीट की और जबरन परिसर में प्रवेश कर गये। इसके बाद कैंपस में हंगामा शुरू हो गया। हंगामे की सूचना पर जक्कनपुर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और छात्रों को समझाने का प्रयास किया।
पुलिस ने जब प्रदर्शनकारियों को परिसर से बाहर निकालने की कोशिश की तो छात्र पुलिस से भिड़ गये। इसी दौरान पुलिस पर पथराव और हमला कर दिया गया। पथराव में जक्कनपुर थानाध्यक्ष ऋतुराज, कांस्टेबल जितेंद्र कुमार और सुमन कुमारी घायल हो गये। कांस्टेबल जितेंद्र कुमार के सिर में चोट लगी है। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर छात्रों को खदेड़ा। हंगामे के दौरान आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी परिसर में जमकर तोड़फोड़ की गयी। छात्रों ने कुर्सी, बेंच और टेबल के साथ कई शीशे तोड़ दिये। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि छात्रों ने पूरे कैंपस में उत्पात मचाया। छात्रों पर राहगीरों की गाड़ियों के शीशे तोड़ने का भी आरोप है। स्थिति बिगड़ने के बाद पुलिस ने चार छात्रों को हिरासत में लिया है। फिलहाल विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गयी है।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि सेमेस्टर परीक्षा में करीब 90 प्रतिशत छात्रों को फेल कर दिया गया है। छात्रों ने परीक्षा रिजल्ट में गड़बड़ी, नियमित पढ़ाई नहीं होने और अधिक फीस वसूलने का आरोप लगाया है। छात्रों का कहना है कि जिन विद्यार्थियों के 0.5, 1, 2 या 3 अंक कम हैं, उन्हें नियम के अनुसार पांच अंक का ग्रेस देकर पास किया जाना चाहिए था। छात्रों ने कहा कि उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने अपनी शिकायत रखी, लेकिन उनकी समस्याओं पर सुनवाई नहीं हुई। प्रदर्शनकारी छात्रों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।


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