छात्रों पर पुलिस ने चलाया वाटर कैनन तो डांस करने लगे, किसानों ने भी साथ शुरू किया मार्च, कहा...

पटना: राजधानी पटना में मंगलवार का दिन हंगामों भरा रहा। एक तरफ कई मांगों को लेकर छात्रों ने पहले ही मुख्यमंत्री आवास घेराव की घोषणा के अनुसार एकत्रित हुए थे तो दूसरी तरफ किसानों ने भी अपना प्रदर्शन किया। छात्रों के साथ ही किसान भी गांधी मैदान से मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने निकले थे। किसानों के मार्च में महिलाएं और बुजुर्ग भी शामिल थे जो सैटेलाइट टाउनशिप का विरोध कर रहे थे और अपनी जमीन नहीं देने की बात कर रहे थे। बातचीत में किसानों ने बताया कि वे लोग पुनपुन इलाके से हैं और प्रस्तावित सैटेलाइट टाउनशिप में उनकी जमीन आने वाली है लेकिन वे लोग नहीं देंगे। इधर छात्रों के प्रदर्शन पर पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया जबकि कई छात्रों को हिरासत में भी लिया। अंत में छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल को मुख्य सचिव से बातचीत करने के लिए बुलाया गया और डकबंगला चौराहे पर जमे छात्रों को हटाया गया।

बैरिकेडिंग तोड़ डाकबंगला तक पहुंचे छात्र

बीपीएससी टीआरई 4 परीक्षा में पीटी और मेंस के साथ ही नेगेटिव मार्किंग खत्म करने, शत प्रतिशत डोमिसाइल नीति की मांग समेत अन्य कई मुद्दों को लेकर आंदोलनरत छात्रों ने मंगलवार को सीएम आवास मार्च की घोषणा की थी। पूर्व प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत मंगलवार को गांधी मैदान से सैकड़ों की संख्या में छात्र सीएम आवास के लिए रवाना हुए जिन्हें पहले जेपी गोलंबर के समीप पुलिस ने रोकने की कोशिश की लेकिन छात्र नहीं माने और बैरिकेडिंग तोड़ डाकबंगला चौराहा तक पहुंच गए। डाक बंगला चौराहा पर पुलिस ने बैरिकेडिंग के साथ ही छात्रों को रोकने के लिए हर जरूरी उपाय किए थे। इस दौरान छात्रों की पुलिस के साथ झड़प भी हुई जिसके बाद कई छात्रों को हिरासत में लिया गया और लगातार आगे बढ़ने की कोशिश कर छात्रों पर वाटर कैनन का भी इस्तेमाल किया गया।

वाटर कैनन के सामने छात्रों ने की मस्ती

बैरिकेडिंग तोड़ डाकबंगला चौराहा तक पहुंचे छात्र लगातार आगे बढ़ने की कोशिश करते रहे। इस दौरान पुलिस ने उन्हें समझाने की काफी कोशिश की लेकिन छात्र मानने के लिए तैयार नहीं थे। इस दौरान छात्रों की पुलिस के साथ झड़प भी हुई जिसके बाद अंत में पुलिस ने वाटर कैनन से पानी का फव्वारा छोड़ उन्हें तितर बितर करने की कोशिश की लेकिन पानी के तेज फव्वारे के सामने भी छात्र मस्ती करते दिखे। एक तरफ जहां पुलिस पानी की तेज धार से छात्रों को पीछे हटाने की कोशिश कर रही थी तो दूसरी तरफ छात्र उसके आगे उछल कूद कर रहे थे। हालांकि इसके बाद पुलिस ने हिरासत में लेने की कार्रवाई शुरू कर दी और कई छात्रों को बस में बैठा लिया।

प्रतिनिधिमंडल को मुख्य सचिव ने बुलाया

वाटर कैनन इस्तेमाल के बावजूद कई छात्र डाकबंगला चौराहा पर डटे रहे और लगातार सीएम आवास की तरफ जाने की कोशिश करते रहे। बाद में आधिकारिक पहल पर छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल को मुख्य सचिव ने बातचीत के लिए बुलाया और अन्य छात्रों को वहां से हटाया गया। प्रदर्शन के दौरान दो छात्रा समेत कई छात्र बेहोश भी हो गए जिन्हे वहां से हटाया गया और उनका प्राथमिक इलाज भी किया गया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कहा कि वे लोग इसी राज्य के बच्चे हैं न कि कोई आतंकवादी या नक्सली। वे लोग लंबे समय से अपनी कुछ मांगें सरकार के सामने रख रहे हैं लेकिन उस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है जिसके बाद मजबूरन उन्हें अपने अधिकारों की मांग के लिए प्रदर्शन का रास्ता अख्तियार करना पड़ रहा है।

सैटेलाइट टाउनशिप के लिए नहीं देंगे अपनी जमीन

मंगलवार सुबह गांधी मैदान में ही छात्रों-युवाओं के साथ किसान भी जुटने लगे थे। छात्रों के साथ ही किसानों का जत्था भी डाकबंगला चौराहे की ओर बढ़ता रहा। इनमें बड़ी संख्या में बुजुर्ग किसान और महिलाएं भी शामिल थीं। इसी बीच छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज, वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इस दौरान किसानों ने कहा कि सरकार ने जिस ग्रीन सैटेलाइट टाउनशिप की घोषणा की है उसके अंतर्गत हमारी उपजाऊ जमीन आ रही है। हमलोगों की जमीन काफी उपजाऊ है और अगर वह हम सरकार को दे देते हैं तो फिर हमारी रोजी रोटी ही खत्म हो जाएगी। हम अपनी जान दे देंगे लेकिन अपनी जमीन नहीं देंगे। किसानों ने कहा कि सरकार हमारी जमीनों के बदले पैसे देने की बात कर रही है लेकिन हम उस पैसे का क्या करेंगे।

  

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