डीएम ने दिया मुजफ्फरपुर अस्पताल में आग मामले की जांच का आदेश, गठित की उच्चस्तरीय SIT

मुजफ्फरपुर: गुरुवार की अहले सुबह मुजफ्फरपुर की एक सनसनीखेज खबर ने लोगों को सकते में डाल दिया। दरअसल बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के एक होटल में आग लगने की घटना की चर्चा खत्म भी नहीं हुई थी और गुरूवार को मुजफ्फरपुर में वैसी ही घटना की पुनरावृत्ति हो गई। मुजफ्फरपुर शहर के एक निजी अस्पताल में बुधवार गुरुवार की मध्य रात्रि भीषण आग लग गई। बताया जा रहा है कि आगलगी की इस घटना में करीब आधा दर्जन लोगों की जल कर मौत हो गई जबकि 20 के करीब लोग जख्मी हैं। हालांकि जिला प्रशासन ने अब तक 5 लोगों की मौत की पुष्टि की है।

मुजफ्फरपुर के अस्पताल में आग लगने की घटना मामले में अब जिलाधिकारी ने जांच के आदेश दिए हैं। डीएम सुब्रत कुमार सेन ने मामले की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय विशेष टीम का गठन किया है।> मीडिया से बातचीत करते डीएम ने कहा कि कुछ मरीज अन्य अस्पतालों में भी भर्ती हैं। हमलोग प्रयास कर रहे हैं सभी का समुचित इलाज हो। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का निर्देश है कि किसी के भी इलाज में कोई दिक्कत नहीं हो। सभी के इलाज का खर्चा सरकार खुद उठा रही है। इस मामले की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया है। 

सीएम ने जताया दुःख

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि मुजफ्फरपुर के एक प्रसाद अस्पताल में आग लगने से व्यक्तियों की मृत्यु अत्यंत दुःखद है। शोक-संतप्त परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएँ हैं। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें तथा परिजनों को इस कठिन समय में संबल दें। मृतकों के परिजनों को अविलंब 4-4 लाख रुपये का अनुग्रह अनुदान प्रदान करने का निर्देश दिया गया है। स्थानीय प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है तथा घायलों के उपचार हेतु सदर अस्पतालों में समुचित व्यवस्था की गई है।

बता दें कि मुजफ्फरपुर के प्रसाद अस्पताल के आईसीयू में गुरुवार तड़के आग लग गई। अब तक पांच लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। मरने वालों में औराई के 30 वर्षीय शशांक कुमार, कथैया की गीता देवी और तरियानी-शिवहर के 57 वर्षीय उदय कुमार, कृष्ण नंदन और चंचला कुमारी के शव की पहचान हो सकी है। जबकि प्रांभिक जानकारी में कई लोगों के हताहत होने की जानकारी आई थी।

  

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